रोहतक-दिल्ली रोड सांपला के पास स्थित कालीधाम के बाबा कालीदास पहलवान योगेश्वर दत्त को आशीर्वाद देते हुए। साथ में साथी पहलवान बजरंग पूनिया।
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बाबा जी, रियो मेरा आखिरी और चौथा ओलंपिक है। गोल्ड के लिए जी-जान लड़ा दूंगा। देशवासी दुआ करें, मैं कामयाब होकर वापस आऊं। इस पर दिल्ली-रोहतक रोड स्थित कालीधाम सांपला के बाबा कालीदास ने भी दोनों हाथों से आशीर्वाद देते हुए कहा, बेटा मेरा और देशवासियों का पूरा आशीर्वाद और दुआएं तुम्हारे साथ है। तुम गोल्ड लेकर ही आओगे। रविवार को जार्जिया रवाना होने से पहले मां सुशीला देवी से आशीर्वाद लेने भैंसवाल कलां आए योगेश्वर दत्त ने अमर उजाला से बातचीत में यह खुलासा किया। उनके साथ साथी पहलवान बजरंग पूनिया भी थे। खास बात यह है कि 2012 में भी योगी ने बाबा कालीदास से आशीर्वाद लिया था ओलंपिक में कांस्य पदक जीतकर लौटे थे।
पुलिस में डीएसपी बन चुके योगेश्वर दत्त ने बताया कि सात साल की उम्र में लोक गायब मास्टर सतवीर के सानिध्य में कुश्ती लड़ना शुरू किया था। अब तक के सफर में गुरू का बेहतरीन योगदान रहा है। बाबा कालीदास के बाद मां और गुरू का आशीर्वाद ले लिया है। तीन-चार दिन बाद कुश्ती टीम के साथ जार्जिया जाएंगे, जहां सात से आठ अगस्त तक वहां के पहलवानों के साथ प्रैक्टिस करेंगे। इसके बाद सीधे रियो जाएंगे, जहां 21 अगस्त को उनकी फाइट हैं।
कुश्ती में अब तक चार ओलंपिक मेडल
योगी ने बताया कि ओलंपिक में कुश्ती के प्रदर्शन की बात करें तो अब तक इस खेल स्पर्धा में चार मेडल आए हैं। एक रजत और कांस्य पदक सुशील कुमार ने, एक कांस्य पदक स्वयं उन्होंने जीता है। जबकि एक कांस्य पदक 1952 में आया था। अबकी बार गोल्ड जरूर आएगा। महिला कुश्ती टीम से भी काफी उम्मीदें हैं।
कुश्ती के अलावा, हॉकी और शूटिंग में चांस
पहलवान ने बताया कि कुश्ती के अलावा देश को सबसे ज्यादा मेडल की उम्मीद पुरुष हॉकी व शूटिंग में हैं। पुरुष हॉकी टीम फिलहाल शानदार फार्म में हैं, जबकि निशानेबाज पहले भी अच्छा प्रदर्शन करते रहे हैं।
मां से लिया आशीर्वाद, मांग रही गोल्ड के लिए दुआएं
दोपहर घर पहुंचे योगेश्वर दत्त ने मां सुशीला देवी से आशीर्वाद लिया। मां ने आशीर्वाद देते हु़ए कहा, मेरा बेटा अबकी बार गोल्ड जरूर लेकर आएगा। भगवान से यहीं दुआएं कर रही हूं।