मृतक बिमला के परिवार को सम्मानित करते हुए निजी अस्पतात के चिकित्सक
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मृत्यु के बाद आंखों के साथ दोनों किडनी, हार्ट और लीवर डोनेट करने वाली विमला बंसल के परिवार को रविवार को दिल्ली के एक निजी अस्पताल के चिकित्सकों की टीम ने गोहाना आकर सम्मानित किया। टीम के मुखिया डॉ. वाहिद ने कहा कि अंग दान के लिए दया की भावना के साथ बड़ा दिल भी चाहिए।
बरोदा रोड स्थित गौतम नगर निवासी विमला बंसल को 31 मई को ब्रेन हैमरेज हुआ था। उन्होंने दिल्ली के निजी में 10 जून को अंतिम सांस ली। उसके बाद परिजनों ने वहीं नेत्रदान के साथ उनका हार्ट दान, किडनी दान और लीवर दान भी कर दिया। नैशनल ऑग्रेनाइजेशन ऑफ ऑर्गन ट्रांसप्लांटेशन (नोटो) के त्वरित हस्तक्षेप से डोनेट अंगों का साथ की साथ लाभार्थियों के शरीरों में ट्रांसप्लांटेशन भी हो गया। विमला देवी के अंग दान करने के बाद रविवार को चिकित्सकों की टीम विशेष रूप से गोहाना पहुंची। जहां पुरानी अनाजमंडी के अग्रवाल सत्संग भवन में टीम ने दिवंगत विमला बंसल के पूरे परिवार को टीम द्वारा सम्मानित किया। इस टीम में डॉ. वाहिद, डॉ. विकास अग्रवाल, डॉ. मनोज कन्हेल और डॉ. सुरेखा पहुंचे थे। टीम के प्रमुख डॉ. वाहिद ने बताया कि इस वर्ष हुए चार अंगदान में से तीन केस हरियाणा, जबकि एक ही दिल्ली का है। विमला देवी के अंग छह लोगों के जीवन का अंग बन चुके हैं। आज उनका केवल शरीर मृत है, लेकिन अंग जिंदा हैं। इस मौके पर विमला बंसल के पति राम प्रसाद बंसल, बेटे और बहू में सुमित और निशा तथा मनीष और हेमा, बेटी ऋचा और दामाद विनय, जेठ-देवर में धर्मबीर, रामफल, राजबीर, अशोक और सुशील, पिता भगत राम गर्ग, मां सरस्वती गर्ग, भाई सुरेश, नरेश, मोहन और अनिल मौजूद रहे।