छात्राओं को आश्वसत करते हुए भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ. नांदल व अन्य
- फोटो : bureau
चार साल बाद भी बीएमएस का रजिस्ट्रेशन नहीं होने ने नाराज छात्राओं ने बुधवार देर रात कुलपति के आश्वासन पर ताला खोला। कुलपति ने उन्हें उचित कार्रवाई और छात्राओं द्वारा वकील करने का लिखित आश्वासन दिया। छात्राओं ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर 15 दिन में समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चली जाएंगी।
भक्त फूल सिंह महिला विश्वविद्यालय के आयुर्वेदा कॉलेज में चार साल पहले 37 छात्राओं का बीएमएस में दाखिला हुआ था। चार साल बाद छात्राओं को पता चला कि अभी तक उनका रजिस्ट्रेशन नहीं हुआ। जिससे उनकी एक साल की इंटर्नशिप नहीं होगी और न हीं उन्हें किसी संस्था में कोई नौकरी मिलेगी। पांच महीने तक प्रशासनिक अधिकारियों के चक्कर काटने के बाद बुधवार को सभी छात्राओं ने विश्वविद्यालय के मुख्य गेट पर ताला जड़ दिया था। आरोप है कि सीआईएमएस की पाबंदी के बाद भी विवि प्रशासन ने छात्राओं को दाखिला दिया। जिससे अब उनका भविष्य अधर में है। यह केस सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है। छात्राओं की मांग है कि दाखिला देने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई हो, उनका रजिस्ट्रेशन कराया जाए, केस के लिए नया वकील किया जाए और अगर सुप्रीम कोर्ट में केस हारे तो हाईकोर्ट में पुनर्विचार याचिका डाली जाए। छात्राओं द्वारा गेट पर ताला जड़ने पर देर शाम पुलिस बल, तहसीलदार नरेंद्र दलाल, नायाब तहसीलदार बंसीलाल, भाजपा के सोनीपत जिलाध्यक्ष डॉ. धर्मवीर नांदल समेत अनेक भाजपा नेता पहुंचे। वहीं देर रात करीब 10:30 बजे कुलपति प्रो. आशा काद्यान भी पहुंची। जहां उन्होंने छात्राओं को उनकी मांगों को लेकर उचित कार्रवाई के लिए लिखित में आश्वासन दिया। जिसके बाद छात्राओं ने गेट का ताला खोला।
क्या बोलीं कुलपति
प्रो. कुलपति आशा कादियान ने कहा कि छात्राओं की मांग पर दो छात्राओं को सुप्रीम कोर्ट के वकील से मिलाया जाएगा। अगर वे अलग से वकील करेंगी तो वह भी किया जाएगा। इसके अलावा दाखिला लेने संबंधी अधिकारियों की जांच के लिए अगर वे किसी रिटायर्ड अधिकारी को कहेंगी तो उसे भी नियुक्त किया जाएगा। विवि प्रशासन छात्राओं की समस्याओं को दूर करने के लिए प्रयासरत है।