मानसून सीजन में पहली बार सोनीपत सिटी में बरदा ऐसे जमकर बरसे कि हर जगह पानी-पानी हो गया। 66 एमएम बारिश के चलते शनि मंदिर, ककरोई रोड, सेक्टर 14, सिक्का कॉलोनी, जीवन नगर, आईटीआई चौक, कालूपुर चुंगी से लेकर ओल्ड रोहतक रोड पानी में डूब गए। खुद डीसी आवास के बाहर पानी भर गया। डीसी ने पब्लिक हेल्थ, पीडब्ल्यूडी के बीएंडआर और नगर निगम अधिकारियों की न केवल अपने कार्यालय में बुलाकर क्लास लगाई, बल्कि देर रात अधिकारियों को साथ लेकर पानी निकासी कराने के लिए जद्दोजहद करते रहे। डीसी ने साफ कहा कि जब तक हर जगह से पानी नहीं निकल जाता, तब तक कोई अधिकारी घर नहीं जाएगा। साथ ही करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद पानी निकासी नहीं होने पर मामले की जांच की बात कही। अमर उजाला ने पहले ही प्रशासन को चेता दिया था कि पानी निकासी के प्रबंध नाकाफी हैं। अच्छी बारिश होते ही जलभराव होना पक्का है। ऐसा ही हुआ। अधिकारियों के दावे तार-तार हो गए।
पिछली बार के मुकाबले अबकी जुलाई में हुई कम बारिश
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक जुलाई महीने में पिछले साल की अपेक्षा कम बारिश हुई है। पिछले साल जुलाई महीने के दूसरे सप्ताह में 11 से 13 जुलाई तक 15 एमएम तक शहर में बारिश हुई थी, लेकिन इस बार जुलाई में केवल आठ जुलाई को 45 एमएम बारिश हुई थी। इसके बाद अब एक साथ 66 एमएम बारिश हुई है। जिसने जलनिकासी व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है।
मंत्री की हिदायत और अस्थाई व्यवस्था भी रह गई धरी की धरी
कैबिनेट मंत्री कविता जैन ने पब्लिक हेल्थ के अधिकारियों को हिदायत दी थी कि ओल्ड रोहतक रोड, कालूपुर चुंगी और दूसरी जगह के पानी को ककरोई के पास प्लांट में डाला जाए, लेकिन अभी प्लांट का काम पूरा नहीं हुआ है। ऐसे में पंप लगाकर अस्थाई व्यवस्था की जाए। मामले को लेकर मंत्री के पति एवं भाजपा नेता राजीव जैन ने मौके का दौरा करके पब्लिक हेल्थ के अधिकारियों को हड़काया भी था। इसके बावजूद झमाझम बारिश में कालूपुर चुंगी, सूरी पेट्रोल पंप वाली गली और दूसरी जगह पानी भर गया।
पर किसानों को अब भी झमाझम बारिश का इंतजार
शहर में गर्मी से राहत के साथ-साथ जलभराव लोगों के लिए आफत बन गया, दूसरी तरफ ग्रामीण इलाकों में किसानों को अब भी झमाझम बारिश का इंतजार है। शहर में जहां 66 एमएम बारिश हुई, वहीं गोहाना में 26, खरखौदा में 20 व गन्नौर में 10 एमएम बारिश हुई। किसानों का कहना है कि बारिश की कमी से धान की फसल सूखने लगी थी। गुरुवार हुई बारिश से कुछ राहत मिली है, लेकिन यह नाकाफी है।
कहां कितनी बारिश
सोनीपत-66 एमएम
गोहाना-26 एमएम
गन्नौर-10 एमएम
खरखौदा-20 एमएम
धान रोपाई का लक्ष्य हुआ पूरा
कृषि विभाग की ओर से इस बार 90 हजार हेक्टेयर में धान की रोपाई का लक्ष्य निर्धारित किया हुआ है, जो अब जाकर पूरा हुआ है, लेकिन बारिश की कमी से किसानों को धान की फसल की सिंचाई करने में काफी दिक्कत आ रही है। गुरुवार को हुई बारिश से कुछ राहत मिली है, लेकिन यह भी नाकाफी है।