बरसाती पानी की निकासी का दावा करने वाले जनस्वास्थ्य विभाग की पोल उस समय खुल गई, जब शुक्रवार दोपहर हुई झमाझम बारिश के चलते शहर के चौक-चौराहों और सड़कों पर जलभराव की स्थिति बन गई। इससे वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं दूसरी ओर ग्रामीण इलाकों में बारिश के बाद किसानों के चेहरों पर खुशी देखने की मिली। बता दें कि तीन दिन पहले अमर उजाला टीम के साथ विशेष बातचीत के दौरान जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारी इस बार शहर में जलभराव की स्थिति पैदा न होने का दावा कर रहे थे। वह दावा शुक्रवार को बारिश के दौरान जलभराव के साथ डूब गया। जिले में कुल 28.3 एमएम बारिश ने ही जगह-जगह पानी खड़ा कर दिया।
शुक्रवार सुबह से तेज गर्मी शुरू हो गई थी। दोपहर के समय आसमान में बादल छा गए। जिसके बाद बारिश का दौर शुरू हुआ। मानसून सीजन की पहली तेज बारिश के दौरान ही शहर की सड़कें पानी से लबालब हो गई। सड़के पर बरसाती पानी के खड़ा होने से वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। शहर में सड़कों पर पानी के लबालब होने से वाहनों की लंबी कतार लग गई। जिसके चलते शहर में जाम की स्थिति बनी रही। बरसात के दौरान दोपहिया वाहन चालक भी पानी में खड़े हो गए। चालकों को अपने दोपहिया वाहनों को पैदल ही पानी से निकालने के लिए मजबूर होना पड़ा।
सड़कें हुईं लबालब, वाहनों की लगी लंबी लाइन
सोनीपत में हुई 45 एमएम बारिश में शहर की सड़कें पानी से लबालब हो गई। गोहाना रोड, ककरोई रोड, मामा भांजा चौक, गीता भवन चौक, रेलवे रोड, ओल्ड डीसी रोड सहित अन्य सड़कों पर बरसात का पानी जाम हो गया। बरसाती पानी के जमा होने पर सड़कों पर वाहनों की लंबी लाइन तक लग गई। जिससे चालकों व अन्य राहगीरों को अपने गंतव्य की ओर से जाने के लिए भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। यहां तक कि पिछले वर्ष की तरह शनि मंदिर रेलवे अंडरब्रिज में बरसात का पानी भर गया। देर शाम समाचार लिखे जाने पर अंडरब्रिज पर पानी खड़ा हुआ था।
सड़कों पर पानी भरने का डीआईजी ने लिया संज्ञान
सीजन की पहली तेज बारिश के बाद डीआईजी कम एसपी हरदीप सिंह दून ने भी सड़कों पर पानी जमा होने पर संज्ञान लेते हुए जनस्वास्थ्य विभाग के एक्सईएन एसके दहिया से बातचीत की। थाना सदर में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान उन्होंने बताया कि बरसाती पानी के सड़कों पर ठहराव होने से हादसों की संभावना बनी रहती है। अगर कोई हादसा होता है तो इस हादसे का जिम्मेवार कौन होगा। बाद में उन्होंने डीसी केएम पांडुरंग से भी फोन से बातचीत की। डीसी ने बताया कि बरसाती पानी के ठहराव को लेकर जल्द ही बैठक बुलाई जाएगी।
धान की फसल के लिए लाभदायक है बारिश
शुक्रवार को हुई बारिश से जहां एक तरफ शहरवासियों के लिए मुसीबत बनी, वहीं दूसरी ओर किसानों के लिए राहत लेकर आई। जिले में धान की रोपाई का कार्य जोरों पर है। कृषि विभाग की ओर से 90 हजार हेक्टेयर जमीन पर धान की रोपाई का लक्ष्य रखा हुआ है। लेकिन यह लक्ष्य अभी तक आधा ही पहुंच पाया है। जहां किसान बारिश के आने का इंतजार कर रहे थे, वहीं किसानों के बारिश के आने से चेहरे भी खिल गए। अब अन्य खाली पड़े खेतों में भी धान की रोपाई का कार्य किसान तेज कर देंगे। कृषि विभाग के अधिकारियों के अधिकारियों का कहना है कि यह बारिश धान की फसल के लिए लाभदायक है। जिससे खाद, कीटनाशक दवाई का छिड़काव कम होगा। फसल अच्छी होगी।
शहर में जहां-जहां जलभराव की स्थिति बनी थी, उसको निकालने का प्रयास किया गया है। जहां जलभराव हुआ है। वहां पर नगर निगम की ओर से नालों की सफाई नहीं हुई थी, जिसकी वजह से यह स्थिति बनी है। आने वाले समय में व्यवस्था को और पुख्ता किया जाएगा, शहर में जलभराव की स्थिति नहीं होने दी जाएगी।
-एसके दहिया, एक्सईएन, जनस्वास्थ्य विभाग