रेलवे अगले सप्ताह सोनीपत-गोहाना-जींद रेलवे लाइन के उद्घाटन की तैयारी कर रहा है, लेकिन इस दौरान प्रशासन के हर इंतजाम के दावे पर गोहाना स्टेशन खरा उतरता दिखाई नहीं दे रहा है। असुविधाओं को झेलते यात्री किसी तरह यात्रा को मजबूर हैं। यह आलम तब है जब इस स्टेशन को जंक्शन का दर्जा प्राप्त है। गौरतलब है कि 26 जून को रेलमंत्री सुरेश प्रभु, हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर इस ट्रैक पर एक पैसेंजर को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे।
गोहाना-जींद रेलवे लाइन पर ट्रेन दौड़ने का नौ साल का इंतजार अगले नौ दिनों में पूरा होने वाला है। इस रूट पर 26 जून से ट्रेन का नियमित आवागमन शुरू हो जाएगा। इस ट्रेन से गोहाना और जींद आवागमन करने वाले करीब 10 हजार यात्रियों को सुविधा मिलेगी। रेलवे वर्ष 2007 में इस ट्रैक पर काम शुरू किया था। इसे पूरा होने में नौ साल का समय लग गया। समय बढ़ने से 250 करोड़ रुपये अनुमानित लागत वाला प्रोजेक्ट 750 करोड़ रुपये में पूरा हुआ। सोनीपत से जींद तक कुल दूरी करीब 89 किलोमीटर है। जिसमें कुल 13 नए पुराने स्टेशन पड़ेंगे और दो स्थानों पर ट्रेनों की क्रॉसिंग होगी। रेलवे विभाग ने इसकी तैयारी पूरी कर ली है। सोनीपत में तो विभाग ने पूरी तैयारी की है। यह रेल गोहाना के लोगों के लिए भी शुरू होगी। जो लोग दिल्ली जाने के लिए रोहतक जाते थे, वे अब सीधा सोनीपत से होकर दिल्ली पहुंचेंगे। हालांकि मौका-मुआयना देखा जाए तो गोहाना में प्रशासन की तैयारी कमजोर नजर आ रही है। जहां जंक्शन होने के बाद भी पूर्ण सुविधाओं का तांता लगा हुआ है।
तीन वाटर कूलर, लेकिन पानी खराब
गोहाना जंक्शन पर यात्रियों को पानी की सुविधा के लिए विभाग ने तीन वाटर कूलर लगाए हुए हैं। विभाग ने यह वाटर कूलर लगा तो दिए, लेकिन इनमें से एक का भी पानी पीने के लायक नहीं है। क्योंकि तीनों वाटर कूलरों का पानी बहुत ही खारा है। यात्रियों को पानी की वजह से कोई परेशानी न हो, इसके लिए जनसेवा संस्था के सदस्य पानी के कैंपर लाकर यात्रियों को पानी पिलाते हैं।
बोर्ड जंक्शन का, यात्रियों के बैठने के लिए मात्र 50 बेंच
गोहाना रेलवे स्टेशन पर रेलवे विभाग ने जंक्शन का बोर्ड तो करीब छह महीने पहले ही लगा दिया था और अब जींद-सोनीपत रेल भी शुरू होने वाली है। ऐसे में यात्रियों के बैठने के लिए लगभग 50 ही बेंच हैं। इन पर केवल 150 यात्री ही बैठ सकते हैं। गोहाना से प्रतिदिन करीब दो हजार यात्री दूसरे शहरों में यात्रा करते हैं और यह रेल शुरू होने के बाद यात्रियों की संख्या दोगुनी होने की संभावना है। ऐसे में विभाग को यात्रियों के लिए बैठने की सुविधा करनी चाहिए।
अब तक नहीं बना फुट ओवरब्रिज
गोहाना से प्रतिदिन एक एक्सप्रेस समेत लगभग छह पैसेंजर ट्रेनें आवागमन करती हैं। गोहाना स्टेशन पर पहले दो ट्रैक थे, लेकिन अब जींद-सोनीपत लाइन शुरू होने से यात्रियों की संख्या बढ़ेगी। गोहाना रेलवे जंक्शन पर हर ट्रेन अक्सर प्लेटफॉर्म नंबर-1 पर ही रुकती है। इस ट्रेन के शुरू होने के बाद भी प्लेटफॉर्म-1 पर भी रुकने की संभावना है। रेलवे स्टेशन तक पहुंचने के लिए यात्रियों को रेलवे लाईन पार करनी पड़ती है। जिससे कोई भी हादसा हो सकता है। इस हादसे से बचाने के लिए गोहाना जंक्शन पर कोई फुट ओवरब्रिज नहीं है।
नहीं खुली अब तक पुलिस चौकी
रेलवे जंक्शन कहीं भी हो, वहां रेलवे पुलिस की पुलिस चौकी होती है, लेकिन गोहाना में कोई भी रेलवे पुलिस की चौकी नहीं है। हालांकि जाट आरक्षण के लिए कुछ पुलिसकर्मी तैनात तो किए गए हैं। लेकिन स्थायी सुरक्षा का कोई इंतजाम नहीं है। इसके अलावा यात्रियों के बैठने लिए केवल एक ही शेड बना है।
क्या बोले स्टेशन मास्टर
गोहाना स्टेशन मास्टर महेंद्र सिंह ने बताया कि गोहाना में रेल शुरू होने के लिए ट्रैक व स्टेशन पर पूरी तैयारियां हैं। यात्रियों के पानी पीने के लिए तीन वाटर कूलर हैं। उन्होंने कहा कि यात्रियों के लिए जल्द ही फुट ओवरब्रिज बनना शुरू हो जाएगा। इसके अलावा सुरक्षा के लिए पुलिस चौकी भी जल्द बनने की उम्मीद है। इसके लिए अधिकारियों को अवगत कराया जाएगा।