गोहाना के नजदीक गामड़ी गांव की मोनिका मलिक, जिसे रियो ओलंपिक में भाग लेने वाली राष्ट्रीय महिला हॉकी टीम में शामिल किया गया है।
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गोहाना उपमंडल के गांव गामड़ी की छोरी मोनिका मलिक रियो ओलंपिक में पदक जीतने के लिए देश की तरफ से पसीना बहाएगी। मंगलवार को दिल्ली में घोषित राष्ट्रीय महिला हॉकी टीम में उन्हें मिड फील्डर के तौर पर शामिल किया गया है। मोनिका मलिक 2013 में वर्ल्ड चैंपियनशिप और 2014 में एशिया कप में भाग लेनी वाली टीम की भी सदस्य रह चुकी है।
मोनिका ने अमर उजाला से बातचीत में बताया कि उसके पिता तकदीर मलिक चंडीगढ़ पुलिस में हवलदार हैं। तीन भाई-बहनों में सबसे छोटे मोनिका (22) को बचपन से ही हॉकी खेलने का शौक रहा है। चंडीगढ़ से 12वीं पास करने के बाद उसने हॉकी की नर्सरी शाहाबाद अकादमी में शामिल हो गई। मिड फील्डर के तौर पर शानदार प्रदर्शन के चलते उन्हें राष्ट्रीय टीम में शामिल कर लिया गया था।
पापा को फोन करके सबसे पहले बताया, मेडल जरूर लेकर आएंगे
मोनिका ने बताया कि टीम के चयन को लेकर कई दिन से चर्चा चल रही थी। सुबह भी पापा से बात हुई थी। दोपहर बाद जब टीम की घोषणा हुई तो सूची में नाम पाकर अपार खुशी हुई। सबसे पहले पापा तकदीर को फोन करके बताया, पापा गॉड का थैंक्स, ओलंपिक में खेलने का मौका मिल गया है। पापा ने कहा, बड़ी मेहनत और संघर्ष से आप इस मुकाम पर पहुंचे हो। भगवान करे, सब ठीक रहे और टीम देश के लिए मेडल जीतकर जरूर लाए।
खेलने का मौका मिला तो जी-जान लगा देंगे
जिले के गढ़ शहजानपुर गांव निवासी विकास दहिया को पुरुष हॉकी टीम रिजर्व खिलाड़ी के तौर पर शामिल किया गया है। विकास का कहना है कि अगर खेलने का मौका मिला तो देश के लिए जी-जान लगाकर प्रदर्शन करेंगे।