780 रुपए में दी गई पुस्तक और उसके भुगतान की रसीद दिखाते हुए पंच
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दो महिलाओं द्वारा पंचायत सदस्यों को ठगने का मामला सामने आया है। व्यक्तिगत संपर्क कर इन महिलाओं ने पंचायत सदस्यों को 780 रुपये में एक पुस्तक इस नाम पर थोप दी कि विकास खंड कार्यालय में रसीद जमा कराने पर खातों में भुगतान का रिफंड आ जाएगा। सरपंच और पंच के होश तब उड़े जब विकास खंड ने हाथ खड़े कर दिए। पुस्तक के नाम पर लुटे पंच वीरवार को एसडीएम से मिले तो उन्होंने पुलिस को जांच के निर्देश दिए।
मामला 8 अप्रैल का है। कथूरा पंचायत समिति की ग्राम पंचायत गुढ़ा में व्यक्तिगत संपर्क करते हुए दो महिलाएं बारी-बारी से सरपंच सोनिया, वार्ड-3 के पंच भलेराम, वार्ड-4 की पंच रोशनी, वार्ड-5 की पंच मुकेश कुमारी, वार्ड-6 की पंच राजेश कुमारी और वार्ड-7 के पंच सतीश कुमार के पास पहुंचीं। पंचों के पास गई महिलाओं के नाम सुषमा और शकुंतला बताए गए। सरपंच और पंच से संपर्क करने वाली महिलाओं के पास एक पुस्तक थी। इस पुस्तक का नाम ‘पंचायत के कानून’ है। संकलनकर्ता और व्याख्याता के रूप में एनएन यादव का नाम प्रकाशित और प्रकाशक के तौर पर गोहाना के ही अंबेडकर चौक के आनंद पब्लिकेशन का नाम दर्ज है। सरपंच सोनिया और पांच पंचों के पास गई महिलाओं ने 334 पेज की किताब अंकित मूल्य 780 रुपये में दी। इस भुगतान की रसीद भी दी गई जो आनंद पब्लिकेशन की ही है।
सवा महीने तक सरपंच और पंच इस प्रतीक्षा में रहे कि भुगतान की रकम के 780 रुपये उनके बैंक खातों में आ जाएंगे। लंबे इंतजार के बाद जब कथूरा पंचायत समिति के ग्राम सचिव अमित कुमार से पीड़ित पंचायत सदस्यों ने संपर्क किया तो उन्होंने बताया कि न तो कार्यालय से किसी को पंचायत सदस्यों को पुस्तक बेचने के लिए भेजा गया है, न ऐसी किसी पुस्तक से कार्यालय का कोई भी संबंध है। पंच सतीश का आरोप है कि जब उन्होंने पुस्तक पर प्रकाशित फोन नंबर पर संपर्क किया, तब उनसे बदसलूकी की गई। वीरवार को चार पंच रोशनी, राजेश कुमारी, मुकेश कुमारी और सतीश कुमार उपमंडलीय परिसर में एसडीएम अजय कुमार से मिले। इस पर एसडीएम ने पंचों की शिकायत डीएसपी राजेश कुमार को मार्क कर दी। अब पूरे मामले की जांच पुलिस द्वारा की जाएगी।