दिन-प्रतिदिन बढ़ रहें हादसों को कम करने के लिए प्रदेश सरकार ने ओवरलोड वाहनों पर पूर्ण रूप से पाबंदी लगाई है। प्रशासन की सख्ती के बावजूद दिन-प्रतिदिन नियमों का उल्लंघन हो रहा है। ओवरलोड वाहनों पर पूरी तरह से आरटीए भी मूकदर्शक बना हुआ है। पिछले 5 महीनों के आंकड़ों को देखा जाए तो ओवरलोड वाहनों के चालकों और मालिकों पर इसका कोई असर नहीं पड़ रहा है। प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए महज 5 महीने में 614 ओवरलोड वाहनों को पकड़ा है। इन पर 147,18,900 रुपये का जुर्माना किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि समय-समय पर वाहन चालकों और मालिकों को जागरूक करने के लिए कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जाता है। लेकिन उसके बाद भी ओवरलोड वाहन सड़कों पर चलाने से बाज नहीं आ रहे हैं।
किया जाता है जुर्माना , फिर भी चलते है ओवरलोड
ओवरलोड वाहनों को पकड़े जाने पर 50 हजार रुपये तक जुर्माना किया जाता है। वहीं चालक के लाइसेंस को भी जब्त कर लिया जाता है। जिसे जुर्माना भरने के बाद सिर्फ गाड़ी को ही छोड़ा जाता है और उस गाड़ी को चलाने वाले चालक तीन महीने तक कोई भी गाड़ी नहीं चला सकता है। फिर भी ओवरलोड वाहन पकड़े जा रहे है।
फरवरी में सबसे कम तो मई में सबसे ज्याद पकडे़ गए ओवरलोड वाहन
ओवरलोड वाहन पकड़ने के अभियान के दौरान विभाग ने फरवरी में जहां मात्र 43 वाहन पकड़कर 5 लाख 44 हजार 500 रुपये जुर्माना वसूला गया है। वहीं मई माह में सबसे ज्यादा 222 वाहन पकड़े गए। इन पर 48 लाख 22 हजार 600 रुपये जुर्माना वसूला गया है।
5 माह में की गई कार्रवाई
माह ओवरलोड वाहन जुर्माना
जनवरी 98 23,69,400
फरवरी 43 5,44,500
मार्च 156 34,23,400
अप्रैल 95 35,59,000
मई 222 48,22,600
ओवरलोड वाहन पर विभाग की तरफ से सख्त कार्रवाई की जा रही है। जिसके चलते जनवरी से मई तक 614 ओवरलोड वाहनों को पकड़ा गया है। इन पर 147,18,900 रुपये का जुर्माना किया गया है। यह कार्रवाई विभाग आगे भी जारी रखेगा।
-मनीष, सेक्रेटरी असिस्टेंट, आरटीए