बोली के दौरान उपस्थित निगम के अधिकारी और ग्रामीण।
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नौ महीने पहले निगम में शामिल गांव की खेती योग्य जमीन की बोली अधिकारियों द्वारा कराई जा रही है। इसके तहत वीरवार को 5 गांव की बोली होनी थी, लेकिन धान की फसल में हुए नुकसान के बाद किसानों ने 3 गांव की जमीन की बोली ही नहीं लगाई है। इसे दोबारा कराने का फैसला लिया गया है। मुरथल गांव के 10 प्लाटों की बोली 20 लाख से ज्यादा रही। वही 10 गांव की बोली 10 और 11 जून को होगी।
नगर निगम में शामिल 26 गांव की खेती योग्य भूमि की बोली अधिकारियों द्वारा लगातार करवाई जा रही है। इसके तहत वीरवार को हरसाना कलां, देवडू, बैंयापुर, मुरथल और जोशी चौहान गांव की खेती योग्य जमीन की बोली होनी थी, लेकिन लगातार हो रहे किसानों को नुकसान का असर यहां भी देखने को मिला। जमीन की कीमत ज्यादा होने से महज दो गांव की जमीन की बोली भी पूरी तरह नहीं हो पाई। मुरथल गांव में 16 प्लाटों में से 10 प्लाटों की ही बोली हो पाई है। इसे गांव के किसानों ने 21 लाख रुपये में एक साल के लिए ठेके पर लिया है।
निगम के इलाके में आने वाले 5 गांव की जमीन की बोली वीरवार को होनी थी। हालांकि सिर्फ दो गांव की बोली ही पूरी हो पाई। तीन गांव की जमीन के रेट ज्यादा होने से किसानों ने बोली में हिस्सा नहीं लिया। इसकी बोली आगे की तारीखों में की जाएगी।
-सुरेंद्र बत्रा, निगम कर्मचारी
दो गांव मुरथल और हरसाना कलां की जमीन की बोली की गई है। इस दौरान 21 लाख रुपयों से ज्यादा की बोली आई। वहीं 10 गांव की जमीन की बोली 10 और 11 जून को की जाएगी।
-अश्वनी मैंगी, निगम कमिश्नर