गांव रूखी में तैनात डीएसपी, बीएएसएफ व आरएएफ कंपिनयों के अधिकारी
- फोटो : bureau
महम में होने वाली सीएम की रैली को लेकर शुक्रवार को प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट रहा। रैली के दौरान जाट आरक्षण आंदोलन के चलते कोई अड़चन न हो इसके लिए पूरी एहतियात बरती गई है। इसी एहतियात का असर है कि गांव रूखी में हाईअलर्ट किया गया था। यहां आरएएफ, बीएसएफ और हरियाणा पुलिस की कंपनी के साथ अनेक आला अधिकारी तैनात रहे। गोहाना शहर में भी जगह-जगह नाके लगाकर पुलिस प्रशासन मुस्तैद दिखाई दिया। शहर में आठ स्थानीय पुलिस के नाके और चार आईटीबीपी के नाके लगाए गए हैं। शुक्रवार को गांव रूखी में प्रशासन का हाई अलर्ट जारी रहा। जसिया में चल रहे जाट न्याय धरना को देखते हुए रूखी में सुरक्षा के इंतजाम किए गए थे, ताकि कोई भी दल रूखी के जरिए महम न पहुंच सके।
महापुरुषों की प्रतिमाओं पर पुलिसकर्मी तैनात
जाट समुदाय का अपनी मांगों को लेकर कई जिलों में धरना जारी है। इस धरने का कोई शरारती तत्व फायदा न उठाए इसके लिए प्रशासन ने शहर और गांवों में लगी शहीदों और महापुरुषों की प्रतिमाओं पर अतिरिक्त पुलिसकर्मियों को तैनात किया है। क्योंकि गत आंदोलन के दौरान फौव्वारा चौक स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा को शरारती तत्वों ने खंडित कर दिया था। ऐसी स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन ने पहले से ही पुलिसकर्मियों को लगा दिया है।
क्या बोले डीएसपी
डीएसपी राजीव देशवाल ने बताया कि शुक्रवार को महम में मुख्यमंत्री मनोहरलाल की रैली थी। रैली में कहीं जाट समुदाय के लोग कोई बाधा न डालें, इसके लिए प्रशासन को पहले से ही अलर्ट रहने के आदेश दिए हैं। इसके अलावा गांवों और शहरों में लगी महापुरुषों की प्रतिमाओं को खंडित होने से बचाने के लिए पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। थाना शहर के अंतर्गत 9 और थाना बरोदा के तहत तीन प्रतिमाएं हैं। जहां प्रत्येक प्रतिमा पर तीन-तीन पुलिसकर्मियों की ड्यूटी तैनात की गई है।