इंद्रगढ़ी की मुख्य गली पर लगाया गया गेट
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आरक्षण के लिए जाटों द्वारा दिया गया 72 घंटे का अल्टीमेटम देर रात खत्म हो जाएगा। दोबारा से पहले जैसे हालात की आशंका भर से लोगों में डर और दहशत का माहौल है। जिन कॉलोनी और इलाकों में उपद्रवियों ने पहले जमकर बवाल काटा था, वहां लोगों ने अपने स्तर पर ही सुरक्षा के इंतजाम करने शुरू कर दिए हैं। कॉलोनियों के बाहर गेट लगाए जा रहे हैं, ताकि कोई असामाजिक तत्व अंदर न घुस सके। उधर, अधिकारियों का कहना है कि लोगों को डरने की जरूरत नहीं है। इस बार उपद्रवियों से सख्ती से निपटा जाएगा। हालात को देखते हुए रासुका के तहत मामले दर्ज किए जा सकते हैं। हालांकि अधिकारियों के इन दावों के बावजूद लोगों के दिलों से दहशत निकल नहीं पा रही है। बरोदा रोड व महम रोड स्थित इंद्रगढ़ी और विश्वकर्मा कॉलोनी के लोगों ने तो सुरक्षा की दृष्टि से दोनों तरफ गलियों पर सात गेट लगवा लिए हैं। इतना ही नहीं, बाल्मीकि बस्ती के चारों तरफ नौ गेट लगवाए गए हैं। गौरतलब है कि आंदोलन के दौरान हुए उपद्रव में बाल्मीकि बस्ती के एक युवक का दो दिन बाद सरकारी अस्पताल में शव मिला था।
सरकार और प्रशासन ने सुरक्षा नहीं दी तो खुद ही उठा लिया बीड़ा
इंद्रगढ़ी कॉलोनी के रहने वाले होशियार सिंह ने बताया कि जब उपद्रवी उनकी कॉलोनी के अंदर और बाहर दहशत फैला रहे थे, तब प्रशासन और सरकार ने उनका कोई साथ नहीं दिया। इससे कॉलोनीवासियों पर सरकार व प्रशासन से भरोसा उठ चुका है। अपनी सुरक्षा को देखते हुए कॉलोनिवासियों ने लगभग पांच लाख रुपये एकत्र करके सात गेट लगवाए हैं।
अबकी बार कालोनी में नहीं घुस पाएंगे उपद्रवी
इंद्रगढ़ी कॉलोनीवासी सचिन ने बताया कि आरक्षण आंदोलन के दौरान उपद्रवियों ने मनमानी की, लेकिन इस बार ऐसा नहीं होगा। सभी गलियों में लोहे के मजबूत गेट लगवाए गए हैं। साथ में चौकीदार की भी व्यवस्था की गई है।