धरना स्थल पर अमर उजाला अखबार हाथ में लिए पढ़ते एक बुुजुर्ग।
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जाट न्याय धरना 14वें दिन शनिवार को भी जारी रहा। धरने के दौरान पूरा दिन जहां रविवार को शक्ति प्रदर्शन को लेकर चर्चा हुई। वहीं दोपहर बाद शाम के समय एक प्रतिनिधिमंडल दिल्ली में बैठक करने के लिए रवाना हुआ। बैठक में धरने को लेकर सरकार की ओर से बातचीत की गई। इस दौरान समुदाय के लोगों ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होती, तब तक धरना समाप्त नहीं किया जाएगा। समाचार लिखे जाने तक बैठक जारी रही। प्रतिनिधि मंडल में आजाद लठवाल, राजेश दहिया, मूलचंद दहिया और ओम आंतिल शामिल रहे। दूसरी ओर 19 जून यानी की रविवार को डीसी को ज्ञापन देने के लिए शक्ति प्रदर्शन को लेकर समुदाय के लोगों ने तैयारियों का भी जायजा लिया। इस दौरान उम्मीद जताई गई है कि हजारों की संख्या में समुदाय के लोग रविवार सुबह धरना स्थल पर पहुुंचेंगे।
जारी रहा जनसंपर्क अभियान
अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति द्वारा चलाया गया जनसंपर्क अभियान शनिवार को भी जारी रहा। राई, खरखौदा और गोहाना हलके के कई गांवों में समुदाय के नेताओं ने लोगों को समझाया। कई गांवों में जनसंपर्क अभियान के तहत जनसभाएं भी आयोजित की गई थी।
बंटा हुआ दिखा प्रशासन का ध्यान
एचटेट की परीक्षा के चलते जिला प्रशासन का ध्यान आज धरने से थोड़ा हटा हुआ दिखाई दिया। सुरक्षा बलों की संख्या में कुछ कमी थी। हालांकि धरनास्थल पर समुदाय के लोगों की संख्या भी अन्य दिनों के बराबर ही थी। सुरक्षा व्यवस्था कम होना धरना स्थल पर भी चर्चा का विषय रहा। शनिवार को धरनेे स्थल पर सब्जी और पूरी का भोजन बनाया गया।