शुद्धि बेदी यज्ञ में जैन तीर्थंकरों की प्रतिमाओं का पूजन करते हुए श्रद्धालु
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चार शताब्दी पुराने श्री श्री 1008 भगवान आदिनाथ दिगंबर जैन मंदिर में जैन तीर्थंकर की प्रतिमाएं तीन वर्ष के बाद अपने मूल स्थलों पर लौट आईं। प्रतिमाओं की प्राण प्रतिष्ठा के लिए विधिवत रूप से बेदी शुद्धि यज्ञ संपन्न हुआ। शहर के मेन बाजार स्थित दिगंबर जैन मंदिर अत्यंत प्राचीन है।
2013 में मंदिर के जीर्णोद्धार का कार्य प्रारंभ हुआ तो प्रथम तल पर प्रतिष्ठित जैन तीर्थंकरों की प्रतिमाओं को उनके मूल स्थल से हटाना पड़ा। अब नूतन आभा से जगमगा रहे जैन मंदिर में 3 साल बाद जैन तीर्थंकरों की प्रतिमाओं की उनके मूल स्थल पर यज्ञपूर्वक वापसी हो गई है। बेदी शुद्धि यज्ञ कराने के लिए ग्वालियर से गजेंद्र शास्त्री और टीकमगढ़ से नीरज शास्त्री पहुंचे। बुधवार को याज्ञ विधान मंडल संपन्न हुआ था, तो वीरवार को बेदी शुद्धि यज्ञ तड़के सुबह 6 बजे हुआ जिसमें समस्त तीर्थंकरों की प्रतिमाओं को सर्वप्रथम जलाभिषेक करवाया गया। उसके तुरंत बाद सामूहिक पूजन हुआ तथा हवन के बाद प्रतिमाओं को पूर्ण आस्था के साथ मूल स्थल पर प्राण-प्रतिष्ठित कर दिया गया। यज्ञ का संयोजन सौधर्म इंद्र बने सचिन जैन पुत्र सतीश जैन ने किया। व्यवस्थाएं मंदिर के प्रभारी प्रवीण जैन कालू और अध्यक्ष वीरेंद्र जैन गुल्लू ने की। विशिष्ट उपस्थिति पंकज जैन, विकास जैन, संजय जैन, रवींद्र जैन, संजीव जैन, प्रवेश जैन, कमल जैन, त्रिशला जैन, संतोष जैन, रानी जैन, सीमा जैन, सुनीता जैन, मंजु जैन, सुदेश जैन आदि की रही।