निजी लैब संचालकों की मनमानी अब नहीं चलेगी। क्योंकि डेंगू का टेस्ट करने वाली लैब अब मरीजों से जांच के नाम पर सिर्फ 600 रुपये ही ले सकती है। ज्यादा पैसे लेने की शिकायत आने पर विभाग कार्रवाई करने के साथ ही लैब का लाइसेंस भी निरस्त कर सकता है। यह जानकारी सामान्य अस्पताल की एसएमओ डॉ. पूनम ने दी।
डॉ. पूनम ने बताया कि स्वास्थ्य अधिकारियों को लगातार शिकायतें मिलती रही हैं कि निजी लैब वाले डेंगू की जांच का परीक्षण करने पर निश्चित से बहुत ज्यादा शुल्क वसूल रहे हैं। सरकार द्वारा तय शुल्क केवल 600 रुपये है। उन्होंने बताया कि निजी स्कूल संचालकों की यह मनमानी अब नहीं चलेगी। उन्हें बुखार के मरीज से डेंगू के टेस्ट के केवल 600 रुपये ही लेने होंगे। इसी के साथ टेस्ट की रिपोर्ट पॉजीटिव आने पर उसकी सूचना तुरंत स्वास्थ्य विभाग को देनी होगी, ताकि उस रोगी का उपचार बिना देरी के शुरू हो सके। अगर कोई लैब वाला इस शुल्क से ज्यादा शुल्क वसूलेगा, उसके खिलाफ सख्ती कार्रवाई की जाएगी।
पिछले वर्ष मिले थे 10 डेंगू के पॉजिटिव
स्वास्थ्य अधिकारी ब्रह्मजीत दहिया ने बताया कि गत वर्ष उपमंडल क्षेत्र में 10 डेंगू के मरीज पॉजिटिव मिले थे। अब की बार विभाग ने लोगों को डेंगू से बचाने के लिए घर-घर जाकर लोगों को जागरूक करना शुरू कर दिया है। डेंगू से निपटने के लिए विभाग सतर्क है।