लोगों को समझाते चौकी प्रभारी अशोक कुमार
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गांव मीमारपुर में रेत से भरे अनियंत्रित ट्रक ने बिजली के खंभे को तोड़ दिया। जिससे गांव में बिजली बाधित हो गई। पहले से ही रेत से भरे वाहनों की ओवरलोडिंग की समस्या से परेशान ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। ग्रामीणों ने गांव के सामने सड़क पर जाम लगा लिया। जाम की सूचना के बाद पहुंचे मीमारपुर चौकी प्रभारी ने ग्रामीणों को समझा-बुझाकर जाम खुलवाया। इस दौरान रेत डंपर व ट्रक लेकर आने वाले चालकों को दिक्कत हुई। जाम खुलने के बाद ही राहत मिल सकी।
बृहस्पतिवार सुबह रेत से भरे अनियंत्रित ट्रक ने गांव मीमारपुर में एक खंभे को टक्कर मार दी। जिससे बिजली के तार टूटकर नीच गिर गए। गनीमत रही कि तारों की चपेट में आने से कोई हादसा नहीं हुआ। पहले से ही ओवरलोड ट्रकों व डंपरों से परेशान ग्रामीण एकत्रित होकर सड़क पर उतर आए। लोगों ने गांव के सामने करीब 11 बजे सड़क पर जाम लगा दिया। ग्रामीणों का आरोप था कि उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। ग्रामीणों ने बताया कि गांव से लगातार ओवरलोड ट्रक रेत लेकर गुजरते है। जिससे रेत उडने के कारण लोगों को परेशानी होती है। ग्रामीणों का आरोप था कि मीमारपुर घाट पर चल रही रेत खान के अलावा भी गांव टांडा और जैनपुर में चल रही रेत खान से वाहन उनके गांव से ही गुजरते हैं। जबकि रेत खान शुरू होने के दौरान अतिरिक्त उपायुक्त के सामने ग्रामीणों ने मांग रखी कि उनके गांव से सिर्फ मीमारपुर की खान से आने वाले वाहनों को ही गुजारने दिया जाएगा। उसके बाद भी उनकी कोई सुनवाई नहीं हो सकी। ओवरलोड वाहनों के कारण उनके गांव की सड़क टूट रही है। साथ ही हर समय हादसा होने का अंदेशा बना रहता है। साथ ही खान ठेकेदार मार्ग पर पानी का छिड़काव भी नहीं कराते। जिसके चलते ही उन्हें सड़क पर उतरना पड़ा। जाम की सूचना पर पहुंचे मीमारपुर चौकी प्रभारी अशोक कुमार ने ग्रामीणों को समझाकर शांत किया। उन्होंने दो दिन में ग्रामीणों की समस्या को दूर करवाने का आश्वासन दिया। जिसके बाद ही ग्रामीण शांत हुए।
गांव से नहीं गुजरने देंगे दूसरी खान के वाहन
ग्रामीणों ने कहा कि उनके गांव से महज मीमारपुर की खान से आने वाले वाहनों को ही गुजरने दिया जाएगा। अन्य गांवों से आने वाले वाहन यहां से नहीं आने दिए जाएंगे।