फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सात साल में ट्यूबवेल कनेक्शन नहीं मिला तो किसानों ने की गांधीगीरी

Wed, 13 Jul 2016 12:17 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, सोनीपत
विज्ञापन
कैबिनेट मंत्री कविता जैन के आवास के बाहर अर्धनग्न हालत में ट्यूबवैल कनैक्शन की मांग को लेकर बैठे किसानों को समझाते मंत्री के पीए व पुलिसकर्मी। - फोटो : bureau
विज्ञापन
ट्यूबवेल कनेक्शन के लिए सिक्योरिटी जमा कराने के बावजूद बड़वासनी और जुआं के दो किसानों को सिंचाई विभाग चक्कर कटवाता रहा। मंगलवार को किसानों का धैर्य जवाब दे गया और दोनों अर्धनग्न होकर कैबिनेट मंत्री कविता जैन के आवास के बाहर बैठ गए। मंत्री की गैरमौजूदगी में उनके पीए आए और एक दिन में समस्या के समाधान का आश्वासन दिया। किसान उनकी बात पर सहमत होकर वापस लौट गए।
विज्ञापन

बड़वासनी निवासी सुल्तान और जुआं निवासी देवेंद्र सिंह ने बताया कि फसल की सिंचाई के लिए खेतों में बिजली कनेक्शन की आवश्यकता है। क्योंकि नहर का पानी खेतों में नहीं पहुंचता है। इसके चलते सात साल पहले ट्यूबवेल के बिजली कनेक्शन के लिए आवेदन किया था। 2010 में 20-20 हजार रुपये सिक्योरिटी के तौर पर बिजली निगम के पास जमा भी करा दिए थे। इसके बावजूद अब तक कनेक्शन नहीं दिया गया। न किसी कर्मचारी ने आकर पूछा और न किसी अधिकारी ने सुनवाई की। निगम के बड़े से बड़े अधिकारी के पास जा चुके हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही। आखिर में मंत्री से हक दिलवाने की मांग की है।

ट्यूबवेल कनेक्शन लेकर ही जाएंगे घर
दोपहर करीब एक बजे किसान सुल्तान और देवेंद्र कैबिनेट मंत्री कविता जैन के आवास बाहर पहुंचे, लेकिन बारिश के चलते गली में पानी जमा था। गेट के पास अपने कुर्ते निकाल लिए और गेट के बाहर बैठ गए। आवास पर तैनात दो पुलिसकर्मी आए और पूछा यहां आकर क्यों बैठे हो। पहले कार्यालय के बाहर बातचीत करनी चाहिए थी। किसानों ने जवाब दिया कि बहुत बात कर चुके हैं, कोई समाधान नहीं निकला। कैबिनेट मंत्री कविता जैन और उनके पति राजीव जैन आवास पर नहीं थे। मंत्री के पीए बाहर आए और किसानों को समझाया। कहा, कि वे मंत्री से बात करते हैं। एक दिन में उनकी समस्या का समाधान हो जाएगा।
विज्ञापन


किसान बोले, बिजलीकर्मी मांगते हैं पैसे, अधिकारी करते हैं बदतमीजी   
किसानों ने पीए को दी अपनी शिकायत में कहा है कि वे कई अधिकारियों से मिल चुके है,  लेकिन उन की  समस्या का समाधान आज तक नहीं हुआ है। बिजली विभाग के  कर्मचारी पैसे मांगते हैं। जब उनकी शिकायत आला अधिकारियों से की जाती तो  उल्टा किसानों के साथ ही बदतमीजी की जाती है। इसलिए मजबूर होकर धरने पर  बैठे हैं।

पीए ने बिजली निगम अधिकारियों से पूछा, क्यों नहीं दिया अभी तक कनेक्शन
किसानों से बातचीत के बाद मंत्री के पीए ने बिजली विभाग के अधिकारी से फोन करके  पूछा कि अभी तक किसानों को ट्यूबवेल कनेक्शन क्यों नहीं दिया। अधिकारी ने एक दिन का समय मांगा है। जिसके बाद किसान धरने से उठ गए है लेकिन समस्या का  समाधान न होने पर दोबारा धरने पर बैठने की चेतावनी भी दी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें