मुरथल स्थित दीनबंधु छोटूराम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में लाखों रुपये के कंप्यूटर घोटाले के मामले में शुक्रवार को सीएम फ्लाइंग की टीम जांच के लिए विवि पहुंची। टीम ने इस मामले से जुड़े सभी अधिकारियों से पूछताछ की तथा डील से जुड़े सभी कागजात का बारीकी से अध्ययन किया। कई घंटों तक चली पूछताछ के बाद फ्लाइंग टीम के अधिकारी कंप्यूटर डील से संबंधित कागजात अपने साथ ले गए हैं। खास बात यह रही कि टीम डीएसपी रैंक के एक अधिकारी के नेतृत्व में विवि पहुंची थी।
शुक्रवार को टीम सुबह के समय ही विवि प्रांगण में पहुंच गई थी। जबकि विवि प्रबंधन को इसकी भनक भी नहीं थी। विवि के अधिकारियों से औपचारिक मुलाकात के बाद टीम को विवि के गेस्ट हाउस में रुकवाया गया। इसके बाद टीम के निर्देशों पर कंप्यूटर डील से जुड़े तमाम कागजात पेश किए गए। इसी दौरान टीम ने उन अधिकारियों तथा कर्मचारियों को भी पूछताछ के लिए बुलाया, जिनका इस डील से संबंध था। लगभग छह घंटे तक फ्लाइंग टीम यूनिवर्सिटी में ही रही थी। हालांकि इस बारे में विवि प्रबंधन किसी तरह की कोई भी आधिकारिक बयान नहीं दे रहा।
ये है मामला
मुरथल विवि ने 750 कंप्यूटर खरीदने के लिए एक कंपनी के साथ डील की थी। डील के तहत पहले 250 कंप्यूटर की खेप यूनिवर्सिटी में पहुंची थी। बताया जाता है कि 1 करोड़ 18 लाख रुपये की इस डील में 25 लाख रुपये का कमीशन लिया गया था। कुल 750 कंप्यूटर 250-250 के खेप में दो बार और आने थे और हर खेप पर 25 लाख रुपये का कमीशन तय था। यानी की कुल 75 लाख रुपये बतौर कमीशन लिए जाने थे। इस मामले की सूचना गुप्त रूप से सीएम कार्यालय को लग गई। इसके बाद से ही सीएम फ्लाइंग टीम इस मामले की जांच कर रही है। जांच शुरू होते ही डील को भी रद्द कर दिया गया था।