हरियाणा अर्बन डेवलेपमेंट अथॉरिटी (हुडा) के सेक्टरों में प्लॉट धारकों के लिए अच्छी खबर है। हुडा के नियमों के मुताबिक प्लॉट में 60 प्रतिशत कवर्ड एरिया के नियम में छूट देते हुए, अब 70 प्रतिशत तक के हिस्से पर मकान बनाया जा सकता है। खास बात यह है कि इस छूट को कंपाउंडिंग फीस और फाइन के साथ एडजस्ट किया जाएगा। मतलब यह कि 10 प्रतिशत अतिरिक्त कवर्ड एरिया लेने के लिए आपको पैसे चुकाने होंगे। बताया जा रहा है कि हुडा ने राजस्व में बढ़ोतरी के लिए यह कदम उठाया है। क्योंकि पिछले कुछ समय से हुडा मंदी के दौर से गुजर रहा है। यही वजह है कि प्लॉट के 60 प्रतिशत कवर्ड एरिया की पॉलिसी को रिवाइज्ड किया गया है। यह पॉलिसी दो दिन पहले ही जारी की गई है। अनुमान के अनुसार नई पॉलिसी से सोनीपत जिले के 5 हजार से अधिक अलॉटियों को फायदा होगा।
अलग-अलग प्लॉट के साइज से लगेगा फाइन
नियमों में बदलाव करते हुए हुडा ने जो नोटिफिकेशन जारी किया है। उसमें बताया गया है कि 60 प्रतिशत कवर्ड एरिया के साथ 4 प्रतिशत तक अतिरिक्त एरिया कंपाउंडेबल फीस के साथ एडजस्ट हो जाता था। हालांकि अब इसमें 6 प्रतिशत और जोड़कर प्लॉट का एरिया 70 प्रतिशत तक कवर्ड किया जा सकता है। अलग-अलग प्लॉट साइज में इस अतिरिक्त कवर्ड एरिया का फाइन प्लॉट के दाम का 5 से 10 प्रतिशत तक का है।
60 प्रतिशत के प्लान की लेनी होगी अनुमति
नए नियम के अनुसार भले ही कवर्ड एरिया में बदलाव किया गया है, लेकिन बिल्डिंग प्लान 60 प्रतिशत का ही अप्रूव किया जाएगा। अधिकारियों की मानेें तो 10 प्रतिशत का अतिरिक्त कवर्ड एरिया हुडा की तरफ से एक लिमिटेड ऑफर के समान है, इसीलिए बेसिक पॉलिसी से छेड़छाड़ किए बिना ही बिल्डिंग प्लान में 10 प्रतिशत अतिरिक्त की मंजूरी दे दी जाएगी।
छोटे प्लॉट धारकों को अधिक फायदा
हुडा में 2 से 6 मरला तक के प्लॉट धारकों को इस पॉलिसी का सबसे अधिक फायदा होगा। क्योंकि इन छोटे साइज के प्लॉट में 60 प्रतिशत कवर्ड एरिया बनाने के चक्कर में कुछ खास नहीं बन पाता था। जानकारों की मानें तो 10 प्रतिशत का अतिरिक्त कवर्ड एरिया मिलने से टॉयलेट, सीढ़ियों और बाथरूम को अतिरिक्त स्पेस मिल सकेगा।
5 हजार के करीब लोगों को होगा फायदा
हुडा के सेक्टर 14-15 तो लगभग पूरी तरह से विकसित हैं। इनमें इक्का-दुक्का ही प्लॉट बचे हैं। वहीं सेक्टर-13 के 250 प्लॉट में से अधिकतर पर निर्माण हो जा चुका है। शेष बचे सेक्टर-23, 7 और 12। इन तीनों सेक्टरों में क्रमश: 2500, 1500 और एक हजार के करीब प्लॉट हैं और अधिकतर पर निर्माण कार्य नहीं हुआ है। इस तरह से लगभग 5 हजार प्लॉट अलॉटियों को नए नियमों का लाभ मिल सकेगा।
उच्चाधिकारियों ने नियमों में परिवर्तन किया है। इसका सीधा फायदा उन अलॉटियों को होगा, जिन्होंने निर्माण शुरू नहीं किया है। बिल्डिंग प्लान 60 प्रतिशत का फाइनल कराकर 70 प्रतिशत तक बनाया जा सकता है। हालांकि इसके लिए 5 से 10 प्रतिशत का फाइन देना होगा।
-विकास ढांडा, संपदा अधिकारी, हुडा, सोनीपत।