केंद्रीय कृषि मंत्री राधामोहन सिंह ने कहा कि आजादी के इतने वर्षों बाद भी देश की 55 प्रतिशत कृषि भूमि को सिंचाई के लिए पानी नहीं मिल रहा है। प्रधानमंत्री सिंचाई योजना के पहले चरण में देश के 235 जिलों की सिंचाई का प्लान तैयार किया गया है। वे रविवार को जिले के राई ब्लॉक के गांव अटेरना में ग्राम उदय से भारत उदय कार्यक्रम के तहत किसान सभा में ग्रामीणों को संबोधित कर रहे थे।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि देश की 89 ऐसी सिंचाई परियोजनाएं हैं जो पिछले 20 से 30 वर्षों से लटकी हुई हैं। हमने इन परियोजनाओं को भी पूरा करने का संकल्प लिया है और इनमें से 31 परियोजनाओं को हम जल्द ही पूरा भी कर लेंगे। उन्होंने कहा कि आज अत्यधिक केमिकल के प्रयोग से देश की मिट्टी बीमार होती जा रही है। इसलिए हमने प्रत्येक खेत का सॉयल हेल्थ कार्ड बनाने का निर्णय लिया है। इस काम के लिए सभी राज्यों को 300 करोड़ रुपये दिए गए हैं और मिट्टी-पानी जांच के लिए मिनी लैब स्थापित करने पर भी 80 प्रतिशत योगदान देने का निर्णय लिया गया है। किसानों की मिट्टी की हर तीन माह में जांच होगी।
जिनको खेती का ज्ञान नहीं था, वही कर रहे विरोध
पूर्व केंद्र और राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जिन्हें खेती के बारे में ज्ञान ही नहीं था, वे किसानों के लिए क्या कर सकते थे। उन्हें यही नहीं पता था कि गेहूं बोया कैसे जाता है और काटा कैसे जाता है। यही कारण है कि वे सरकार द्वारा बनाई जा रही योजनाओं का विरोध कर रहे हैं। प्रदेश की पूर्व सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि 10 साल तक हरियाणा के किसानों के विकास के लिए कार्य करने की बजाए किसानों की जमीन को कौड़ियों के भाव खरीदकर अपने रिश्तेदारों को फायदा पहुंचाया। प्रदेश को कंक्रीट के जंगल में तब्दील करने का काम किया है। अब बीजेपी सरकार किसानों के हित में काम कर रही है तो सबसे ज्यादा विरोध भी वहीं पार्टियां कर रही हैं। 28 अप्रैल को प्रदेश के किसानों के लिए नई योजनाएं बनाईं जाएंगी। इससे किसानों की उन्नति होगी। कृषि मंत्री ने कहा कि बीजेपी सरकार का लक्ष्य हर किसान के खेत मेें ट्यूबवेल और पानी पहुंचाना है, लेकिन घट रहा जलस्तर भी चिता का विषय है।
सरपंच और किसानों ने रखी समस्या, मंत्री ने दिया आश्वासन
अटेरना गांव की सरपंच ने गांव की मूलभूत सुविधाओं के लिए मंत्री के सामने मांग रखी। जिस पर मंत्री ने अधिकारियों को एक सप्ताह में पूरा करने के आदेश दिए हैं। किसान बृजेंद्र ने बताया कि बीज और दवाइयों के दाम तो पूरे लिए जाते हैं, लेकिन सामान मिलावटी दिया जाता है। मंत्री ने किसानों को कृषि अधिकारी को लिखित में शिकायत देने के बाद कार्रवाई करने के आदेश भी दिए हैं।
केजीपी को लेकर भारतीय किसान संघ के सदस्यों ने दिया ज्ञापन
केएमपी पर मानेसर-पलवल के बीच बीजेपी की सरकार सड़क चालू करा चुकी है, लेकिन किसानों के विरोध के चलते कुंडली-गाजियाबाद-पलवल हाईवे पर काम ठप है। इसी संदर्भ में भारतीय किसान संघ के सदस्यों ने एक मांगपत्र भी केंद्रीय मंत्री को सौंपा है। इस पर 19 अप्रैल को उनकी मौजूदगी में मुख्यमंत्री द्वारा किसानों की मांगों को पूरा कराने का आश्वासन भी दिया है।
सांसद ने लिया अटेरना गांव को गोद
सोनीपत से सांसद रमेश कौशिक ने दातौली गांव के बाद अटेरना गांव को भी गोद लेने की भी घोषणा की है। उन्होंने कहा कि गांव में किसी भी प्रकार की कोई कमी नहीं छोड़ी जाएगी।
मंत्री बोलते रहे लोग जाते रहे
कार्यक्रम के दौरान सभी मौजूद लोग मंत्री के भाषण को सुन रहे थे लेकिन थोड़ी देर बाद ही वहां पर कुर्सियां खाली होने लगीं। मंत्री के संबोधन के बीच में ही लगभग आधे से ज्यादा लोग जा चुके थे।