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सोनीपत से सांसद सतपाल ब्रह्मचारी ने भाजपा को घेरा: मनरेगा का नाम बदलना नहीं, योजना को खत्म करने की साजिश

Sun, 11 Jan 2026 01:32 PM IST
नवीन दलाल संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत (हरियाणा)

सार

सतपाल ब्रह्मचारी ने कहा कि हरियाणा में करीब आठ लाख पंजीकृत मजदूर हैं, लेकिन सरकार केवल 2100 मजदूरों को ही काम दे पाई है। उन्होंने भाजपा सरकार पर 15 लाख रुपये देने के वादे को लेकर भी निशाना साधते हुए कहा कि इतने साल बीत जाने के बावजूद वह वादा आज तक पूरा नहीं हुआ।
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सांसद सतपाल ब्रह्मचारी - फोटो : संवाद
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विस्तार
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सांसद सतपाल ब्रह्मचारी ने केंद्र और राज्य की भाजपा सरकार पर मनरेगा को लेकर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार मनरेगा का नाम बदलने की आड़ में जनकल्याणकारी योजना को धीरे-धीरे समाप्त करने की साजिश रच रही है। वह गांव प्रेम सुख नगर स्थित प्रेम सुख धाम में जैन संत उपेंद्र मुनि की तरफ से आयोजित वार्षिकोत्सव कार्यक्रम में पहुंचे थे।

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उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार मनरेगा के नाम पर गुमराह कर रही है। मनरेगा का नाम बदलकर जनता को भ्रमित करने का काम किया जा रहा है। यह केवल नाम परिवर्तन नहीं, बल्कि एक सोची-समझी रणनीति है, जिसके तहत मनरेगा जैसी महत्वपूर्ण योजना को खत्म करने का प्रयास किया जा रहा है। हालांकि सांसद बदले हुए नाम को बताने में असमर्थ दिखाई दिए और जी राम जी कहकर रुक गए।

महात्मा गांधी का नाम हटाना गलत कदम
सतपाल ब्रह्मचारी ने कहा कि महात्मा गांधी का नाम किसी भी योजना से हटाना न केवल गलत है, बल्कि देश की आत्मा के साथ खिलवाड़ है। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी बड़े राम भक्त थे और उन्होंने अंतिम सांस लेते समय भी हे राम कहा था। ऐसे में उनसे बड़ा राम भक्त और कौन हो सकता है।
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मनरेगा में हिस्सेदारी घटाने का आरोप
सांसद ने आरोप लगाया कि पहले मनरेगा के तहत केंद्र सरकार 90 फीसदी खर्च वहन करती थी, लेकिन अब हरियाणा सरकार को 40 फीसदी हिस्सेदारी देनी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि हरियाणा पहले से ही भारी कर्ज में डूबा हुआ है, ऐसे में सरकार यह अतिरिक्त बोझ कैसे उठाएगी, यह बड़ा सवाल है।

मजदूरों को काम नहीं, वादे हवा में
सतपाल ब्रह्मचारी ने कहा कि हरियाणा में करीब आठ लाख पंजीकृत मजदूर हैं, लेकिन सरकार केवल 2100 मजदूरों को ही काम दे पाई है। उन्होंने भाजपा सरकार पर 15 लाख रुपये देने के वादे को लेकर भी निशाना साधते हुए कहा कि इतने साल बीत जाने के बावजूद वह वादा आज तक पूरा नहीं हुआ।

संघर्ष के लिए तैयार कांग्रेस
कांग्रेस सांसद ने कहा कि वह स्वयं मनरेगा और मजदूरों के अधिकारों के लिए होने वाले किसी भी आंदोलन में भाग लेने के लिए तैयार हैं। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस हमेशा जरूरतमंद, मजदूर और किसान के हितों की रक्षा करती रही है और आगे भी भाजपा सरकार की नीतियों के खिलाफ आवाज उठाती रहेगी।

जैन समुदाय ने अहिंसा परमो धर्म का दिया अनुपम संदेश
जैन समुदाय ने सदैव अहिंसा परमो धर्म के सिद्धांत को जीवन का मूल आधार मानते हुए समाज को शांति, संयम और सद्भाव का मार्ग दिखाया है। सांसद ने कहा कि जैन समाज की पहचान त्याग, तपस्या और आत्मसंयम से जुड़ी रही है। जैन संतों ने अपने आचरण से यह सिद्ध किया है कि अहिंसा केवल उपदेश नहीं, बल्कि जीवन जीने की सर्वोच्च पद्धति है।
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जैन संत सदैव अहिंसा, करुणा और मानवता के मूल्यों के साथ खड़े रहे हैं और समाज को सकारात्मक दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहे हैं। संत उपेंद्र मुनि त्याग और तपस्या की सजीव प्रतिमूर्ति हैं, जिनका जीवन अनुशासन, साधना और आत्मिक शुद्धता का प्रेरणास्रोत है। ऐसे संतों का सान्निध्य समाज को नैतिक मूल्यों से जोडऩे का कार्य करता है और नई पीढ़ी को सत्य, अहिंसा व सदाचार के मार्ग पर अग्रसर होने की प्रेरणा देता है।

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