फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नगर निगम का जन्मदिन कल, एक साल में दो कदम नहीं चला

Wed, 06 Jul 2016 12:45 AM IST
Sonipat
विज्ञापन
सोनीपत नगर निगम - फोटो : amar ujala
विज्ञापन
कैबिनेट मंत्री कविता जैन के शहर का नगर निगम वीरवार को एक साल का हो जाएगा। इस एक साल में निगम उम्मीदों पर खरा नहीं उतर सका। केवल गलियां बनाने व स्ट्रीट लाइट बनाने में व्यस्त रहे निगम के 80 प्रतिशत विकास कार्य अब भी पाइप लाइन में हैं। निगम के अधिकारियों के पास एक साल में एक भी ऐसी बड़ी उपलब्धि नहीं है, जिसके दम पर वे पहले जन्मदिन का दमखम के साथ केक काट सकें।
विज्ञापन



प्रदेश सरकार ने एक साल पहले तत्कालीन नगर परिषद को भंग करके नगर निगम का दर्जा दिया था। उस समय उम्मीद जगी थी कि निगम बनने से सोनीपत दिल्ली के नजदीक होने के कारण गुड़गाव की तरह विकास की पटरी पर दौड़ेगा। निगम की एक दर्जन शाखाएं होंगी, लेकिन एक साल में निगम को अधिकारियों के नाम पर केवल आयुक्त मिले हैं। एटीपी, तहसीलदार से लेकर दूसरे पद अभी तक खाली हैं।

अरबपति बनाने वाले गांवों को नहीं हुआ निगम का अहसास
प्रदेश सरकार ने निगम बनाने के साथ-साथ राई, मुरथल और सोनीपत ब्लाक की 26 पंचातयों को निगम में शामिल किया था, जहां से करोड़ों रुपये निगम के खाते में आएंगे। अब निगम के प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष खजाने में एक अरब तक की राशि है। निगम ने शामिल गांवों की गलियां बनवाने, स्ट्रीट लाइट लगवाने, चौपाल बनवाने या दूसरे तालाबों की चारदीवारी बनवाने की प्रक्रिया शुरू की है, लेकिन ग्रामीणों को वह अहसास नहीं हो सका है।
विज्ञापन


साल भर चुनौतियों से जूझता रहा निगम
सफाई व्यवस्था : शहर में सफाई पर हर माह लाखों रुपये खर्च हो रहे हैं, लेकिन फिर भी जगह-जगह गदंगी फैली हुई है। निगम की एप एमसीसोनीपत पर सबसे ज्यादा शिकायत सफाई व्यवस्था को लेकर आती हैं।
स्ट्रीट लाइट : निगम स्ट्रीट की बदहाल हालत को लेकर बेहद परेशान है। औसतन तीन-चार शिकायत हर रोज निगम की एप पर आ रही हैं। जबकि लाखों रुपये प्रति माह का स्ट्रीट लाइट दुरुस्त करने का ठेका दिया हुआ है।
रेड लाइट : दो साल पहले ट्रैफिक जाम से मुक्ति दिलाने के लिए 40 लाख खर्च कर रेड लाइट लगाई गईं। इन रेड लाइटों को चलाने के लिए बार-बार कंपनी बदली गई, लेकिन आज तक ये चालू नहीं हो पाई हैं।
अवैध बिल्डिंग : निगम एरिया में बिल्डिंग नियम तोड़कर दर्जनों बिल्डिंग बनाई गई हैं। कार्रवाई के नाम पर निगम केवल बिल्डिंग मालिकों को नोटिस देता है। एक साल में कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है।

25 करोड़ खर्च करने की मिली है अनुमति
निगम की ओर से साल 2016-17 का एक अरब का बजट पास किया गया था। सरकार की ओर से 25 करोड़ रुपए खर्च करने की अनुमति जारी कर दी गई है। इसके बावजूद विकास कार्य गति नहीं पकड़ पा रहे हैं।

निगम को एक साल पूरा हो गया। काफी विकास कार्य चल रहे हैं, पूरा होते ही बदलाव देखने को मिलेगा। ई-टायलेट चालू कर दिए गए हैं। पार्कों, सड़कों व सफाई की व्यवस्था को दुरुस्त किया जा रहा है। किसी भी प्रकार की कमी नहीं रहने दी जाएगी।
विज्ञापन

अश्वनी मैंगी, आयुक्त नगर निगम
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें