जिन लोगों के कंधों पर चोरी की वारदात रोकने की जिम्मेदारी है, उनको ही विजिलेंस व बिजली निगम की टीम ने चोरी करते हुए पकड़ा है। हालात ये हैं कि जेल में वाटर पंप तक चोरी की बिजली से चलाया जा रहा था तो सीओ कार्यालय भी चोरी की बिजली से जगमग हो रहा था। वहीं, जिन 14 के यहां बिजली चोरी पकड़ी गई, वे सभी पुलिस व प्रशासनिक कर्मी हैं। इन सभी पर बिजली निगम की ओर से 5.73 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इनके जुर्माना राशि जमा नहीं करने पर मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।
इन पर लगाया जुर्माना
एक्सईएन सिटी जेसी शर्मा ने बताया कि सरकारी कॉलोनियों में बिजली चोरी पकड़ने के लिए मंगलवार को छापामारी अभियान चलाने को रोहतक से विजिलेंस की टीम आई थी। उस टीम के साथ सिटी व महिला थाना के परिसर में बनी आवासीय कॉलोनी, जेल की कॉलोनी, लघु सचिवालय की कॉलोनी में छापा मारा गया। इनमें 14 जगहों पर बिजली चोरी होती मिली थी, जिन पर जुर्माना लगाया गया है। उनके अनुसार जेल में चल रहे वाटर पंप के लिए सबसे ज्यादा एक लाख 22 हजार 816 रुपये जुर्माना लगाया गया है। जसबीर पर 29 हजार 72 रुपये, धनसिंह पर 33 हजार 752 रुपये, डीएसपी कार्यालय पर 58 हजार 297 रुपये, रमेश पर 11 हजार 469 रुपये, प्रताप पर 10 हजार 974 रुपये, मनोज पर चार हजार 362 रुपये, बलजीत पर 26 हजार 425 रुपये, राकेश पर 12 हजार 390 रुपये, हरीश चंद्र पर 22 हजार 643 रुपये, संजीव वालिया पर 38 हजार 160 रुपये, राजेश पर 63 हजार 225 रुपये, राजसिंह पर 66 हजार 617 रुपये व विकास पर 73 हजार 35 रुपये जुर्माना लगाया गया है।