सोनीपत को मिनिस्ट्रियल स्टार अवॉर्ड दिया जाएगा। शहरी विकास मंत्रालय की ओर से नई दिल्ली में 17 जुलाई को यह अवॉर्ड दिया जाएगा। स्वच्छता सर्वेक्षण 2023 के तहत कूड़ा मुक्त शहर में सोनीपत को एक स्टार रेटिंग मिली थी।
हरियाणा में सोनीपत शहर को सबसे स्वच्छ चुना गया है। शहर में हुए अनुकरणीय स्वच्छता कार्य के चलते शहरी विकास मंत्रालय की ओर से सोनीपत को मिनिस्ट्रियल स्टार अवॉर्ड दिया जाएगा। शहरी विकास मंत्रालय की ओर से नई दिल्ली में 17 जुलाई को होने वाले कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर के हाथों यह अवॉर्ड दिया जाएगा। इससे पहले स्वच्छता सर्वेक्षण 2023 के तहत कूड़ा मुक्त शहर में एक स्टार रेटिंग मिली थी।
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पिछली बार था 21वां रैंक
नगर की ओर से डोर टू डोर कूड़ा एकत्रित करने व सड़कों से कूड़ा उठान करने पर जेबीएम कंपनी को 1.80 करोड़ रुपये हर माह दिए जाते हैं। इसके ठेका सफाई कर्मचारियों को 70 लाख रुपये दिए जा रहे हैं। पिछली बार राज्य में सोनीपत नगर निगम ने 21वां रैंक हासिल किया था। इस बार सोनीपत ने राज्य में सर्वोच्च स्थान हासिल किया किया है। शहर में हुए अनुकरणीय स्वच्छता कार्य के लिए अब मिनिस्ट्रियल स्टार अवॉर्ड दिया जाएगा।
निगम क्षेत्र में 4.15 लाख लोग रहते हैं। उसके हिसाब से घर-घर से कूड़ा एकत्र करने के लिए 85 गाड़ियां चलाई जा रही हैं। इन गाड़ियों में गीला व सूखा कूड़ा एकत्रित करने की व्यवस्था है। डंपिंग प्वाइंटों को कम करने का प्रयास किया गया। जिससे घर-घर से कूड़ा एकत्रित करने के बाद सीधे मुरथल के पास सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट तक पहुंचाया जा रहा है। 176 करोड़ रुपये से प्लांट की शुरुआत 16 अगस्त, 2021 को की गई थी। यहां हर दिन 500 टन कूड़े से पांच टन खाद और छह मेगावाट बिजली का उत्पादन किया जा रहा है। यह प्लांट प्रदेश का सबसे पहला प्लांट है। गीले कचरे से खाद तैयार होने के बाद किसानों को उपलब्ध करवाई जा रही है। प्लांट में रोजाना सोनीपत, पानीपत, गन्नौर व समालखा से कूड़ा पहुंचाया जा रहा है।
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सिटीजन एप पर रोजाना दो से तीन शिकायत दर्ज
नगर निगम क्षेत्र में सफाई न होने के मामले में स्वच्छ हरियाणा (सिटीजन) एप पर रोजाना दो से तीन शिकायत दर्ज हो रही है। नगर निगम की तरफ से 24 घंटे में शिकायतों का निपटान कराने का दावा किया जाता है। 1 जनवरी 2024 से 31 दिसंबर 2024 तक एप पर 651 शिकायतें दर्ज की गई हैं। इनमें से 612 शिकायतों का निपटान किया गया और 28 शिकायत अस्वीकृत की गई।
इस तरह से हुआ सर्वे
शहरों को अलग-अलग पैमाने पर मापा गया था। रोजाना सफाई, सिंगल प्लास्टिक यूज पर बैन, नालों की सफाई, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट आदि को इसमें शामिल किया गया था। स्वच्छ भारत अभियान के तहत भी शहर को मापा गया। इसी साल मार्च में हुए केंद्रीय स्वच्छता टीम ने आवासीय और व्यवसायिक क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था देखी। शहर में डोर-टू-डोर कचरा एकत्रित की व्यवस्था और कचरा गाड़ियों की स्थिति देखी गई। इसके अलावा पब्लिक व सार्वजनिक शौचालयों और अन्य जन सुविधाओं का निरीक्षण किया गया।
सोनीपत में हुए अनुकरणीय स्वच्छता कार्य के चलते शहरी विकास मंत्रालय से मिनिस्ट्रियल स्टार अवार्ड मिलने जा रहा है। यह सब निगम क्षेत्र के लोगों में जागरूकता और निगम प्रशासन की बेहतर व्यवस्था का नतीजा है। सरकार भी स्वच्छता के मामले में गंभीर है। -निखिल मदान, विधायक, सोनीपत
मिनिस्ट्रियल स्टार अवार्ड के लिए सोनीपत का चयन किए जाने पर निगम अधिकारी व सफाई कर्मचारी बधाई के पात्र है। शहर में सफाई कार्य में और बेहतर कार्य किए जाएंगे। सोनीपत को देश में स्वच्छता के मामले में नंबर एक बनाना लक्ष्य है। -राजीव जैन, मेयर, नगर निगम
नई दिल्ली में 17 जुलाई को मिनिस्ट्रियल स्टार अवार्ड मिलने जा रहा है। सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए जनता का सहयोग लिया गया और अनेक कदम उठाए गए हैं। -सतेंद्र कुमार, मुख्य सफाई निरीक्षक, नगर निगम