आग बुझाने के लिए गाड़ी चलाने का प्रयास करते हुए फायरकर्मी
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शहर के कच्चे क्वाटर स्थित गीता कॉलोनी में शुक्रवार को एक मकान लगी आग ने दमकल विभाग की पोल खोल कर रख दी। दमकल गाड़ी घर में लगी आग तो नहीं बुझा सकी उल्टा लोगों के दिलों में दमकल विभाग के खिलाफ आग लगा गई। सूचना मिलने पर गाड़ी आग बुझाने पहुंची तो, लेकिन प्रेशर ही नहीं बना पाई। काफी प्रयास की बाद दमकल कर्मियों को पता चला वॉल्व ही खराब है। इसके बाद वे मायूस होकर लौट आए। पड़ोसियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग बुझाई, लेकिन दमकल विभाग की लापरवाही के खिलाफ रोष प्रकट कर कार्रवाई करने की मांग की है।
लोगों ने दरवाजा तोड़कर आग पर काबू का किया प्रयास
जानकारी के अनुसार निरंकारी भवन के पास किराये पर रह रहे अशोक कुमार के मकान में दोपहर को आग लग गई। मकान बंद होने की वजह से लोगों ने मकान के दरवाजे को तोड़कर आग बुझाने का प्रयास किया और दमकल विभाग व अशोक को इसकी सूचना दी। घर लौटने पर अशोक ने बताया कि वह सुबह मकान में बने मंदिर में दीया लगाकर अपनी दुकान पर चला गया था और बेटी पढ़ने के लिए गई हुई थी। इससे घर में कोई न होने से दीया की लपटों से मंदिर पर लगे पर्दे को अपनी चपेट में ले लिया। इसके कारण धीरे-धीरे आग ने पूरे मकान को घेरे में ले लिया।
गाड़ी हुई फेल तो लोग जुटे
लोगों ने आग लगने की सूचना 2:14 बजे फायर बिग्रेड को दी। इससे 2:25 मिनट पर फायर बिग्रेड की गाड़ी मौके पर तो पहुंच गई, लेकिन गाड़ी पानी का प्रेशर नहीं बना पाई। पांच मिनट तक प्रेशर बनाने का प्रयास करने के बाद पता चला वॉल्व ही खराब है। गाड़ी में खराबी का पता चलने पर दमकल कर्मचारियों के हाथ पांव फूल गए। 2:30 बजे गाड़ी वहां से वापस रवाना हो गई। वहीं, दूसरी तरफ लोगों ने खुद ही आग को बुझाने का काम शुरू कर दिया। लोगों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। आग बुझाने के बाद लोगों ने निगम के खिलाफ जमकर रोष जताया। लोगों ने बताया कि अगर समय रहते दमकल विभाग की गाड़ी पहुंच कर सही तरीके से आग बुझाने का काम करती तो नुकसान कम होता। लोगों ने प्रशासन के आला अधिकारियों से मांग करते हुए कहा कि लापरवाही बरतने वाले फायर कर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
हो सकता था बड़ा हादसा
किरायेदार अशोक ने बताया कि जहां मंदिर में आग लगी, उसी के साथ ही रसोई थी, जिसमें सिलेंडर रखा हुआ था। समय रहते ही आसपास के लोगों की मदद से आग पर जल्द से काबू पा लिया गया, वरना पूरे मकान में आग लग जाती। इसके चलते एक बड़ा हादसा हो सकता था।