जिले की प्राथमिक शिक्षा के हालात ठीक नहीं है। दिल्ली से सटा फरीदाबाद इस मामले हरियाणा के अन्य जिलों से पीछे छूट रहा है। हालांकि, मई के बाद अक्तूबर में जारी की गई मूल्यांकन रिपोर्ट में सुधार के संकेत मिले हैं लेकिन इसके बाद भी फरीदाबाद आठवें पायदान पर है। सोनीपत, महेंद्रगढ़, झज्जर और रेवाड़ी जैसे जिले औद्योगिक नगरी से आगे निकल गए हैं। वहीं, गुड़गांव इस रिपोर्ट में दूसरे स्थान पर है।
प्रदेश के सभी जिलों में प्राथमिक स्कूलों में पढ़ने वाले पहली से आठवीं कक्षा तक के छात्रों की मासिक परीक्षा ली जाती है ताकि बच्चों की शैक्षणिक विकास का आंकलन किया जा सके। एससीईआरटी (राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद) बच्चों का हर महीने के टेस्ट के आधार पर मूल्यांकन करता है। एससीईआरटी के विश्लेषण के बाद जो आंकड़ें जारी किए गए हैं, उन पर नजर डालें तो फरीदाबाद आठवें स्थान पर है। अगस्त से अक्तूबर तक तीन माह में की गई समीक्षा के आधार पर स्पष्ट है कि अभी भी फरीदाबाद को सुधार की आवश्यकता है। इनमें पहले स्थान पर सोनीपत और दूसरे पर गुड़गांव है। इसके बाद महेंद्रगढ़, झज्जर, रेवाड़ी, रोहतक और भिवानी का नंबर है। समीक्षा में सबसे नीचे के पायदान पर पलवल, यमुना नगर और मेवात हैं। जिनका नंबर क्रमश: 19वें, 20वें व 21वें स्थान पर हैं।
आठ जिलों की मूल्यांकन रिपोर्ट
जिला अक्तूबर मई बढ़ोत्तरी
सोनीपत 63 47 12
गुडग़ांव 60 49 9
महेंद्रगढ़ 60 51 10
झज्जर 59 51 11
रेवाड़ी 56 50 7
रोहतक 55 45 9
भिवानी 53 45 8
फरीदाबाद 53 43 10
(सभी आंकड़े प्रतिशत में हैं)
(स्रोत: एससीईआरटी की टेस्टिंग एंड एसस्मेंट विंग )