शराब के ठेके को आग के हवाले करते हुए ग्रामीण।
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खंदराई में खुले शराब ठेके का विरोध कर रही महिलाओं के सब्र का बांध मंगलवार को टूट गया और ग्रामीणों के साथ नारेबाजी करते हुए ठेके को आग के हवाले कर दिया। महिलाओं का आरोप है कि बार-बार मांग करने के बाद भी गांव से शराब ठेके को हटाया नहीं जा रहा। लोग शराब पीकर घरों में हंगामा करते हैं। इससे कई परिवार बर्बाद हो गए हैं।
मंगलवार को गोहाना-सफीदों रोड पर गांव खंदराई में दर्जनों महिलाओं व ग्रामीणों ने गांव के बाहर बने शराब ठेके में पहले तोड़फोड़ की, इसके उपरांत शराब ठेके को आग के हवाले कर दिया। महिलाओं का कहना है कि गांव में शराब का ठेका लड़कियों के स्कूल के पास है। जहां से लड़कियों व महिलाओं को भी आते-जाते समय परेशानी का सामना करना पड़ता है। ठेके के पास शराब वहां से आने वाली लड़कियों के साथ छेड़छाड़ करते हैं। दो साल पहले भी ग्रामीणों ने इसका विरोध करते हुए शराब के ठेके को आग के हवाले कर दिया था, लेकिन उसके बावजूद यहां शराब ठेका खोला जा रहा है। इतना ही नहीं ग्रामीणों ने शराब के ठेके को हटवाने की मांग को लेकर पांच दिन पहले सीएम विंडो में इसकी शिकायत भी की थी और शराब के ठेकेदार को गांव से ठेके को हटवाने के लिए चेतावनी भी दी थी।
महिलाओं का कहना है कि बार-बार प्रशासनिक अधिकारियों से भी ठेका हटवाने का आग्रह किया जा चुका है। उनका कहना है कि गांव के लोग शराब के नशे में जहां गलत कार्य करते हैं, वहीं जमीन-जायदाद तक बेच चुके हैं। उनका कहना है कि अब किसी भी कीमत पर दोबारा ठेका नहीं खोलने दिया जाएगा।
नहीं हो रही सुनवाई
गांव में शराब का ठेका अवैध तरीके से बना हुआ है। ठेकेदार को ठेका हटाने के लिए कहा गया था, लेकिन उसने कोई सुनवाई नहीं की। इस कारण गांव के लोगों को यह कदम उठाने के लिए मजबूर होना पड़ा।
-परवार सिंह, सरपंच