घरों के बाहर मीटर लगाने का विरोध करने वाले गांवों के उपभोक्ताओं पर निगम अधिकारियों ने बड़ी कार्रवाई करने का फैसला लिया है। निगम ने ऐसे 8 गांवों पर सख्ती दिखाते हुए इनकी दो घंटे बिजली आपूर्ति कम कर दी है। अब इन गांवों को केवल 10 घंटे ही बिजली आपूर्ति दी जाएगी। वहीं, मीटर बाहर लगवाने वाले पांच गांवों की निगम ने तीन घंटे बिजली आपूर्ति बढ़ाई है। अधिकारियों के अनुसार विरोध करने वाले गांवों की बिजली आपूर्ति और भी कम हो सकती है। वहीं, जिन गांवों में मीटर बाहर निकल जाएंगे, उनकी आपूर्ति को 20 तक किया जा सकता है।
बिजली निगम ने गांवों में मीटर को घर से बाहर निकालने का अभियान चलाया हुआ है, ताकि उनको म्हारा गांव, जगमग गांव योजना में शामिल करके बिजली चोरी को रोका जा सके। वहीं, जिले के आठ गांव इस योजना में रोड़ा बन गए और वहां के लोगों ने मीटर घर से बाहर लगाने का विरोध शुरू कर दिया।
इन आठ गांवों पर कार्रवाई
छिछड़ाना, मिर्जापुर खेड़ी, मदीना, पुरखास, मुंडलाना, सेवली व मालचा गांव शामिल हैं। बिजली निगम के रिकॉर्ड में इन गांवों में चोरी भी सबसे ज्यादा है और इस कारण ही मीटर बाहर लगाने का विरोध किया जा रहा है। इस कारण ही इन गांवों के सभी उपभोक्ताओं पर निगम अधिकारियों ने कार्रवाई करने का कड़ा फैसला लिया है। निगम ने इन आठ गांवों की दो घंटे बिजली आपूर्ति काट दी है।
इन पांच गांवों को मिली सौगात
मीटर बाहर लगवाने वाले वाले पांच गांव सरगथल, रेवली, जगदीशपुर, टांडा व झुंडपुर की तीन घंटे बिजली आपूर्ति बढ़ा दी है। इन्हें पहले 15 घंटे बिजली दी जाती थी जो अब 18 घंटे कर दी गई है।
शेड्यूल से काटी जाएगी दो घंटे बिजली आपूर्ति
निगम द्वारा ग्रामीण एरिया में पहले 12 घंटे बिजली आपूर्ति दी जाती थी जो सुबह 11 बजे से दोपहर बाद एक बजे तक और शाम सात बजे से लेकर सुबह पांच बजे तक निर्धारित की गई थी। अब निगम ने सबसे ज्यादा बिजली चोरी व मीटर बाहर न निकालने का विरोध करने वाले आठ गांवों की बिजली आपूर्ति में दो घंटे की कटौती कर दी है। अब इन गांवों को 10 घंटे ही बिजली दी जाएगी।
म्हारा गांव जगमग गांव योजना में शामिल करने के साथ ही बिजली चोरी रोकने के लिए आठ गांवों में दो घंटे बिजली आपूर्ति कम कर दी गई है। इसके बाद भी इन गांवों के लोग मीटर बाहर लगवाने में सहयोग नहीं करते है तो बिजली आपूर्ति और भी कम कर दिया जाएगा क्योंकि निगम की योजना अनुसार कार्य करना है और बिजली चोरी को बचाना है। वहीं, इसमें सहयोग करने वाले गांवों की आपूर्ति बढ़ा दी जाएगी।
एस एन शर्मा, एसई बिजली निगम।