ताजपुर गांव में मिमारपुर रोड स्थित श्री साईं इंटरनेशनल स्कूल के पास स्कूल चलाने की कोई मान्यता नहीं है। संचालक ने स्कूल चलाने के लिए कोई अनुमति नहीं ली हैै। न ही यूडीआईएसई के लिए आवेदन किया है और न ही फार्म-6 भरा। इतना ही नहीं यह स्कूल किराए के एक मकान में चलाया जा रहा है। डीईओ की ओर से बीईओ को सौंपी गई जांच के दौरान यह खुलासा हुआ, जिसके आधार पर डीईओ ने संचालक को स्कूल बंद करने का नोटिस भेजा है। नोटिस में विद्यालय रूपी दुकान को तुरंत बंद करने के आदेश दिए हैं। उन्होंने संचालक से सोमवार तक स्कूल चलाने के दस्तावेज मांगे हैं।
डीईओ जिले सिंह शर्मा ने बताया कि उन्हें शिकायत मिली थी कि ताजपुर में संचालित श्री साईं इंटरनेशनल स्कूल बिना मान्यता के चल रहा है। इसी के आधार पर उन्होंने स्कूल की जांच कराने के लिए बीईओ प्रोमिला भारद्वाज को जांच सौंपी थी। बीईओ की जांच में पाया गया कि संचालक के पास स्कूल चलाने की कोई विभागीय अनुमति नहीं है और न ही कोई मान्यता है। स्कूल की ओर से फार्म-6 भी नहीं भरा गया है। वहीं, यूडीआईएसई के लिए आवेदन भी नहीं किया है। यूडीआईएसई के लिए आवेदन करने पर ही विद्यालय का कोड निश्चित किया जाता है। उन्होंने बताया कि जांच के दौरान पाया गया कि स्कूल में कक्षा 5वीं तक 128 बच्चे उपस्थित थे और विद्यालय किराए के मकान में चल रहा था। जबकि स्कूल की ओर से लोगों को बहकाने के लिए कक्षा पहली से सातवीं तक प्रवेश का विज्ञापन छपवाया गया है, जो गैर कानूनी है।
सोमवार तक दस्तावेज दे स्कूल
शिक्षा विभाग की ओर से जिला शिक्षा अधिकारी ने भेजे गए पत्र में कहा गया है कि स्कूल के पास कोई विभागीय मान्यता नहीं है। यदि मान्यता के संबंध में कोई दस्तावेज है तो सोमवार तक विभाग कार्यालय में प्रस्तुत करे। अगर ऐसा नहीं कर पाते हैं तो स्कूल रूपी दुकान को तुरंत प्रभाव से बंद करें। ऐसे न करने पर बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ करने लिए कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
मुख्यालय को भी भेजा पत्र : डीईओ
डीईओ जिले सिंह शर्मा ने बताया कि इस संबंध में पत्र की एक कॉपी सेकेंडरी शिक्षा विभाग के निदेशक, मौलिक शिक्षा विभाग के निदेशक, जिला पुलिस अधीक्षक, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी व खंड शिक्षा अधिकारी को भेज कर स्कूल के खिलाफ कार्रवाई करने की कही गई है।