सोनीपत के अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश शैलेंद्र सिंह की अदालत ने इज्जत के नाम पर हत्या करने के दोषी को उम्रकैद की सजा सुनाई है। दोषी ने अपने साले से प्रेम विवाह करने पर गांव लाठ में आकर अपनी बहन की गोली मारकर हत्या कर दी थी। अदालत ने दोषी पर 85 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना न देने पर 21 माह अतिरिक्त कैद की सजा भुगतनी होगी।
गांव लाठ निवासी दीपक ने 10 मई, 2018 को सदर थाना गोहाना पुलिस को बताया था कि उनकी बहन रोजी की शादी झज्जर के गांव छपार निवासी विक्रम के साथ वर्ष 2014 में हुई थी। वह अपनी बहन रोजी की ससुराल गांव छपार आता-जाता था। उसे विक्रम की बहन नीकू (25) से प्रेम हो गया था। प्रेम संबंधों के चलते उसने वर्ष 2015 में नीकू से कोर्ट मैरिज कर ली थी और दोनों गांव लाठ में रहने लगे थे। जिसके बाद से विक्रम उससे व अपनी बहन से रंजिश रखने लगा था।
10 मई, 2018 को दोपहर बाद विक्रम अन्य के साथ गांव लाठ में पहुंचा था। उसने ससुराल में पहुंचकर सभी से बातचीत की थी। बाद में विक्रम की बहन नीकू जब रसोई में चाय बनाने के लिए गई थी तो विक्रम ने रसोई में जाकर नीकू की कनपटी पर गोली मार दी थी और भाग गया था। नीकू ने मौके पर ही दम तोड़ दिया था। अचानक हुए घटनाक्रम से परिजन सकते में आ गए थे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया था। मामले में पुलिस ने आरोपी विक्रम के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया था। बाद में आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था।
मामले की सुनवाई के बाद एएसजे शैलेंद्र सिंह की अदालत ने आरोपी विक्रम को दोषी करार दिया था। अदालत ने सोमवार को मामले में फैसला सुनाते हुए विक्रम को धारा 302 में उम्रकैद व 50 हजार रुपये जुर्माना, धारा 449 में सात साल कैद व 25 हजार रुपये जुर्माना तथा अवैध शस्त्र अधिनियम में तीन साल कैद व 10 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। सभी सजा एक साथ चलेंगी। जुर्माना न देने पर 21 माह अतिरिक्त कैद की सजा भुगतनी होगी।