सोनीपत की अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुरुचि अतरेजा सिंह की अदालत ने किशोरी के साथ दुष्कर्म के मामले में सुनवाई करते हुए आरोपी को दोषी करार दिया है। अदालत ने दोषी को 20 साल कैद और 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना राशि पीड़िता को देने के आदेश दिए गए हैं। जुर्माना न देने पर एक साल अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी।
सदर थाना क्षेत्र के गांव की 16 वर्षीय किशोरी ने 16 नवंबर, 2021 को सदर थाना पुलिस को बताया था कि वह कन्या स्कूल की छात्रा है। 1 अक्तूबर, 2021 को वह अपने घर पर थी। इसी दौरान उनके गांव का अरुण उनके घर में घुस आया था। आरोपी ने उसके साथ दुष्कर्म किया था। साथ ही उसे धमकी दी थी कि अगर उसने किसी को बताया तो वह उसे व उसके घर वालों को मार देगा। जिसके चलते वह डर गई थी। करीब डेढ़ माह बाद उसने परिजनों व पुलिस को अवगत कराया था। जिसके बाद केस दर्ज हुआ था। पुलिस ने किशोरी का मेडिकल कराने के साथ ही उसके कोर्ट में बयान दर्ज कराए थे।
मामले में कार्रवाई करते हुए तत्कालीन सदर थाना प्रभारी बदन सिंह व एसआई अंजलि की टीम ने आरोपी अरुण व उसके दो साथियों को गिरफ्तार किया था। साथियों पर आरोपी की मदद करने का आरोप था। पुलिस ने आरोपियों को अदालत में पेश कर दिया था।
मामले में सुनवाई के बाद एएसजे सुरुचि अतरेजा की अदालत ने अरुण को दोषी करार दिया है। अदालत ने उसके दोनों साथियों को बरी कर दिया। गुरुवार को अदालत ने दोषी अरुण को पॉक्सो एक्ट में 20 साल कैद की सजा सुनाई है। दोषी पर 50 हजार रुपये जुर्माना लगाया है। जुर्माना राशि पीड़िता को देने के आदेश दिए गए हैं।