आरक्षण आंदोलन के चलते जिले के 18 ग्रामीण रूटों पर बंद रोडवेज बसों में से छह रूटों पर बसों की सेवा को विभाग ने बहाल कर दिया है। विभाग ने यात्रियों की परेशानी को देखते हुए यह फैसला लिया है। इन पांचों रूटों पर दिनभर रोडवेज की बसें आवागमन करेंगी, जबकि सभी ग्रामीण रूटों पर रात का ठहराव अभी बंद रहेगा। अधिकारियों के अनुसार जल्द ही अन्य रूटों पर भी सेवा बहाल कर दी जाएंगी।
गौरतलब है कि जाट आरक्षण संघर्ष समिति द्वारा सात मांगों को लेकर प्रदेश के 18 जिलों में धरना दिया जा रहा है। इस दौरान कोई आपत्तिजनक स्थिति पैदा न हो, इसके लिए स्थानीय पुलिस के अलावा पैरामिलिट्री फोर्स को भी तैनात किया गया है। फ्लैग मार्च निकालने व धरनास्थल तक जाने सहित सुरक्षात्मक दृष्टि के लिए प्रशासन ने 33 रोडवेज बसें फोर्स को दी हैं। रोडवेज के बेड़े में पहले ही बसों की कमी थी। अब फोर्स को 33 बसें देने के बाद बेड़े में बसों की ज्यादा कमी हो गई। इसके चलते विभाग ने 18 ग्रामीण रूटों पर बसों को बंद करना पड़ा था। इन रूटों पर बसें बंद होने के बाद हर रोज यात्रा करने वाले करीब छह हजार यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। यात्रियों को परेशानी देखते हुए अब विभाग ने छह रूटों पर दोबारा बस सेवाओं को बहाल कर दिया है। इससे इन रूटों पर यात्रा करने वाले यात्रियों को कोई परेशानी नहीं होगी।
इन रूटों पर की गई दोबारा बसें चालू
विभाग ने छह ग्रामीण रूटों पर दोबारा बसों की सेवा बहाल कर दी है। इनमें पबनेरा, घसौली, फरमाणा, जखौली, बेगा व मलिकपुर रूट शामिल हैं। इन रूटों पर करीब दो हजार यात्री हर रोज यात्रा करते हैं। ये बसें केवल दिन के समय आवागमन करेंगी, जबकि रात के समय ग्रामीण रूटों पर कोई बस नहीं जाएगी और न ही रात में गांवों में ठहराव करेंगी।
इन रूटों पर बंद रहेंगी बसें
छह रूटों पर बसें चालू होने के बाद अब करीब एक दर्जन रूटों पर बसें बंद रहेंगी। इनमें उमेदगढ़, नरेला, मंडोरा, खुर्मपुर, मकीनपुर, राठधना, बड़ौली, नांदनौर, सरढ़ाना, कटवाल, गुहणा, भैंसवाल कलां व रिढ़ाऊ रूट शामिल हैं।
यात्रियों को नहीं आने दी जाएगी परेशानी
आरक्षण आंदोलन के चलते 18 ग्रामीण रूटों पर बंद बसों में से छह रूटों पर दोबारा बसों को चालू कर दिया गया है। इसके अलावा जिन रूटों पर निर्धारित बसें नहीं चल रहीं वहां लंबी रूट की बसों के फेरे लगवाएं जा रहे हैं। बसों की कमी के चलते भी प्रशासन द्वारा यात्रियों को पूरी सुविधा दी जा रही है। रोडवेज की ओर से यात्रियों को ग्रामीण रूटों पर कोई परेशानी नहीं आने दी जाएगी।
-कर्मबीर गहलावत, डीआई, रोडवेज।