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काले धन को सफेद करने का रास्ता बताते दो बैंक मैनेजर स्टिंग में कैद, आप ने किया प्रदर्शन

Wed, 30 Nov 2016 12:13 AM IST
अमर उजाला, सोनीपत
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बैंकों बाहर प्रदर्शन करते आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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एक तरफ आम आदमी हर रोज घंटों लाइन में खड़ा रहकर पीएम मोदी की पहल को कामयाब बनाने के लिए धैर्य दिखा रहा है, वहीं, दूसरी तरफ बैंकों के अंदर अधिकारी नए-नए खाते खोलकर काले धन को सफेद करने का खेल खेल रहे हैं। एक निजी न्यूज चैनल के स्टिंग ऑपरेशन में दो बैंकों के मैनेजर व दो अधिकारी कैद हुए हैं, जो सात करोड़ की राशि को अलग-अलग बैंकों में खाते खोलकर ढाई-ढाई लाख की नकदी डालने की सलाह दे रहे हैं। स्टिंग में दिखाया गया है कि दिल्ली से एक टीम कंपनी के अधिकारी बनकर शहर के एक सरकारी बैंक में पहुंचे, जहां बैंक मैनेजर से बात की।
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रिपोर्टर : कंपनी का साल का टर्न ओवर 15 करोड़ रुपये है, जिसमें आठ करोड़ का कंपनी ने दिखाया है। अब सात करोड़ रुपये को बैंक के अंदर डालना है। अगर अब दिखाते हैं तो पिछले रिकार्ड को जांचा जाएगा, जिससे काफी परेशानी हो सकती है। इसके लिए क्या करना होगा?
मैनेजर : नए-नए खाते खोले जा रहे हैं। इस रीजन में 45-46 ब्रांच हैं। सब में करवा सकते हैं। अगर एक जगह जमा करवाओगे तो डाउटफुल हो सकता है। हर जगह 30 से 35 अकाउंट खुलवा लो।
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रिपोर्टर : सर हर रोज 20 आदमी खाते खुलवाने लेकर आएं तो।
मैनेजर : नहीं 10 से 12 बंदे भेज दो। उनको अपना इंट्रोडक्शन दे दो। एक बंदे की इंट्रोडक्शन हो जाए, फिर सबकी होती चली जाएगी।
रिपोर्टर : कैश हमें लाना पड़ेेगा या आप लेकर आओगे।
मैनेजर : नहीं कैश आपको लेकर आना पड़ेगा।
रिर्पोटर : लाने में भी दिक्कत है।
मैनेजर : एक बार में दो से ढाई लाख करके ले आओ।
रिर्पोटर : मतलब हम एक दिन में 15 से 20 अकाउंट खुलवा लेते हैं।
रिर्पोटर कोई दिक्कत नहीं, 50 लाख हो जाएंगे।

दूसरा मैनेजर
रिपोर्टर : बैंक में ढाई-ढाई लाख रुपये डालने से कोई दिक्कत नहीं होगी।
मैनेजर : हां ढाई या तीन लाख डालने से कोई दिक्कत नहीं होगी। एक दम से 10-15 लाख रुपये डालोगे तो दिक्कत आएगी। फिर मुझे मत कहना, क्योंकि दो या ढाई लाख तो किसी के भी घर मिल जाएंगे। आप मोदी के घर देखोगे तो दो-ढाई लाख रुपये मिलेगा। अचानक से 10 लाख मत डालो।
रिपोर्टर : एक सप्ताह में काफी खाते खुल गए।
मैनेजर : पहले हर माह 70 से 80 खाते खुलते थे, लेकिन अब 6-7 दिन में 350 खुल गए।

आप ने किया प्रदर्शन, जवाब दे सरकार
मामले को लेकर आम आदमी पार्टी ने दोनों बैंकों के सामने पूर्व पार्षद एवं पार्टी के लोकसभा प्रभारी विमल किशोर की अगुवाई में प्रदर्शन किया। विमल किशोर ने कहा कि नोटबंदी में अव्यवस्था के बीच अब बैंक वाले आम जनता की परेशानी कम करने की बजाय भ्रष्टाचार में शामिल होकर काले धन को सफेद करने की तरकीब बता रहे हैं, जबकि आम लोगों का पूरा दिन लाइन में कट रहा है। केंद्र सरकार लोगों को देशभक्ति व काले धन को समाप्त करने के नाम पर 50 दिन की परेशानी बता कर बरगला रही है। यही हालात रहे तो छह महीने तक हालात सुधरने वाले नहीं हैं।

मीडिया को देखकर कर लिया गेट बंद
इसी बीच संबंधित मैनेजर का पक्ष लेने के लिए जब मीडिया की टीम बैंक में पहुंची तो पूछते ही गेट बंद कर दिए गए। किसी को भी अंदर नहीं जाने दिया गया। ऐसे में संबंधित बैंक अधिकारी ही बता सकते हैं कि वे अपना पक्ष रखने से भी क्यों पीछे हट रहे हैं?

मामला मेरे नोटिस में नहीं आया था। अगर कोई फुटेज है तो आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। एक बैंक सरकारी बताया जा रहा है। तत्काल प्रभाव से फुटेज मंगवाई जाएगी। -केएम पांडुरंग, डीसी
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मामला लीड बैंक के दायरे से बाहर है। संबंधित ब्रांचों के हेड आफिस ही इस संबंध में कुछ बता सकते हैं। -नरेंद्र शर्मा, लीड बैंक मैनेजर
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