जिले के दो चर्चित दोहरे हत्याकांड के खुलासे में नाकाम रही पुलिस ने क्लोजर रिपोर्ट लगाकर उनकी फाइल को बंद कर दिया है। पुलिस का डेढ़ साल में उन हत्याकांड के खुलासे के आसपास पहुंचना तो दूर की बात रही, बल्कि शवों की शिनाख्त तक नहीं कर सकी। यह दोनों ही मामले वर्ष 2015 में हुए थे। इनमें ताऊ देवीलाल पार्क के पास संदूक कांड हुआ, जिसमें संदूक के अंदर युवक-युवती के नग्न शव मिले थे। वहीं, दहिसरा के बिटौड़े में मिले दो अधजले शवों की गुत्थी भी पुलिस नहीं सुलझा सकी है। वहीं पुलिस ने अपनी नाकामी छुपाने को लिए इन फाइलों को बंद करवा दिया है। बेशक दोनों मामले राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियों में रहे, लेकिन उसके बावजूद सोनीपत पुलिस के हाथ कोई ऐसा क्लू नहीं लगा, जिससे इन घटनाओं से पर्दा उठाया जा सकता।
संदूक में बंद मिले थे युवक-युवती के शव
मुरथल पुलिस ने 6 अप्रैल 2015 को हाईवे पर कुमासपुर स्थित देवीलाल पार्क के बाहर संदूक के अंदर युवक-युवती के शव बरामद किए थे। दोनों की हत्या कर उन्हें यहां फेंका गया था। मामले में ऑनर किलिंग की आशंका दिख रही थी। युवती हाथों में मिली चूड़ियों को देखकर नवविवाहित लग रही थी औैर उसके शरीर पर कोई वस्त्र नहीं मिला था। शव पर चोट के निशान थे और शव को जलाने का भी प्रयास किया गया था। इतना ही नहीं युवक का शव बाक्स में नहीं आने पर उसे पैरों का तेजधार हथियार से काटकर उन्हें बाक्स में डाला गया था। पुलिस इन शवों की शिनाख्त भी नहीं कर सकी। हत्या से पर्दा उठाना तो बहुत दूर की बात है।
बिटौड़े से बरामद हुए अधजले शव
गांव दहिसरा में 15 जून 2015 को रामनिवास के खेतों में दो युवतियों के जलते हुए शव बरामद किए थे। शवों को बिटौड़े के बीच डालकर जलाया गया था। शव बुरी तरह से जल चुके थे। मामले को आनर किलिंग से भी जोड़कर देखा गया था। पुलिस इन शवों की शिनाख्त कर पाने में नाकाम रही।
क्लोजर रिपोर्ट के साथ धूमिल हुई उम्मीद
पुलिस ने इन दोनों ही मामलों को अनट्रेस मानकर इनकी क्लोजर रिपोर्ट पेश कर दी है। इससे अब इन मामलों से पर्दा उठने की उम्मीद भी धूमिल हो गई है। दोनों ही मामले राष्ट्रीय स्तर की चर्चा में रहे थे। सोनीपत पुलिस नेशनल क्राइम रिकार्ड ब्यूरो तक भी गई थी।
वारदात के बाद से पुलिस ने दोनों ही मामलों में सबसे शवों की शिनाख्त के लिए हर संभव प्रयास किया था। उसके बावजूद कोई सफलता हाथ नहीं लग सकी थी। इसके चलते इनकी क्लोजर रिपोर्ट पेश कर दी गई।
-ओमप्रकाश, डीएसपी