बिजली चोरी की समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए जिला उपायुक्त केएम पांडुरंग ने बिजली निगम को सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। बिजली चोरी रोकने की शुरुआत शहरी क्षेत्र से करें। यदि कोई इस गंभीर अपराध में संलिप्त मिलता है तो तुरंत उसका बिजली कनेक्शन काटकर उचित कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही उन्होंने बकाया बिजली बिलों के समय पर भुगतान के लिए भी अधिकारियों के साथ लोगों को प्रोत्साहित किया। बिजली की विभिन्न समस्याओं के समाधान के उद्देश्य से शनिवार को लघु सचिवालय के प्रथम तल स्थित सभागार में उपायुक्त की अध्यक्षता में दो बैठकों का आयोजन किया गया। पहली बैठक में बिजली निगम के साथ विभिन्न विभागीय अधिकारियों को बुलाया गया जबकि दूसरी बैठक में बिजली विभाग के जेई, एसडीओ सहित बीडीपीओ के साथ चर्चा की गई।
विभागीय अधिकारियों की बैठक में उपायुक्त ने प्रमुख तौर पर सरकारी कार्यालयों के बिजली के बिलों के लंबित रहने पर चिंता जताई। बिजली बिलों के लंबित होने पर अमर उजाला समाचार पत्र ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था। सरकारी कार्यालयों में करीब 17 करोड़ रुपये बकाया है। इनमें सबसे ज्यादा जनस्वास्थ्य विभाग पर बिजली बिलों का बोझ है। जिस पर उन्होंने बैठक के दौरान अधिकारियों को प्रोत्साहित किया। डीसी ने कहा कि बकाया बिलों की समस्या के समाधान के लिए संबंधित विभागीय अधिकारी बिजली निगम के अधिकारियों के साथ बैठक करें। जहां भी जो भी समस्या हो उसका समाधान निकालें और बकाया बिलों की अदायगी करें। उन्होंने अलग-अलग विभाग के लंबित बिलों पर विस्तार से चर्चा की। कुछ अधिकारियों ने बिजली निगम द्वारा समय पर बिजली बिल न प्रेषित किए जाने और एवरेज बिल प्रेषित करने आदि समस्याओं को प्रस्तुत किया। उपायुक्त ने कहा कि इस प्रकार की समस्याएं आपसी बातचीत से हल हो सकती हैं। बिजली निगम को अपनी कार्यप्रणाली में सुधार की आवश्यकता है।
सरकारी अधिकारी और कर्मचारी समय पर भरें बिजली बिल
उपायुक्त ने सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रोत्साहित किया कि वे अपने आवासीय बिजली बिलों को समय पर भरें। उन्होंने कहा कि व्यक्तिगत स्तर पर किसी भी प्रकार की छूट नहीं दी जाएगी। बिजली बिल भरना हर नागरिक का दायित्व भी बनता है। उन्होंने कहा कि बिजली आपूर्ति की स्थिति को और बेहतर बनाने के लिए बिजली बिलों की समय पर अदायगी जरूरी है। इस दौरान दूसरी बैठक में उपायुक्त ने बिजली चोरी की समस्या पर गंभीरता से चर्चा की। उन्होंने कहा कि बिजली चोरी हर हालत में रुकनी चाहिए। इसके लिए जरूरी सख्त कदम उठाये जाएं।
जगमग हरियाणा योजना के माध्यम से लोगों की मानसिकता बदलें
जगमग हरियाणा योजना को सफल बनाने के लिए सबका एकजुट प्रयास जरूरी है। बैठक में शामिल बिजली निगम के जेई से इस विषय पर जानकारी लेते हुए डीसी ने कहा कि लोगों की मानसिकता को बदलना होगा। ग्रामीण क्षेत्र में महिलाओं को मुख्य रूप से जागरूक करना होगा। इसके लिए बीडीपीओ को साथ लेकर बिजली विभाग के अधिकारीगण एसडीएम के निदेज्शन में गांवों का दौरा करें। लोगों को समझायें कि गांवों में 24 घंटे बिजली मिलने के अत्यधिक फायदे हैं। इसके लिए बिजली के बिल भरना जरूरी है और मीटर भी बाहर लगवाने होंगे। इससे बिजली की चोरी पर अंकुश लगेगा।
बिजली व्यवस्था पर विभाग सुधारें अपनी छवि
उपायुक्त ने कहा कि ग्रामीण बिजली व्यवस्था को लेकर अक्सर शिकायत करते हैं। इसलिए जरूरी है कि बिजली निगम अपनी इस छवि को सुधारे। इसके लिए आवश्यक है कि लोगों की बिजली संबंधी हर प्रकार की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर शीघ्रता से हो। वहीं बिजली बिल न भरने की कल्चर को भी समाप्त करना होगा। बिजली निगम के एसई एसएन शर्मा ने लोगों से अनुरोध किया कि वे अपने बकाया बिजली बिल समय पर भर दें। यदि 31 मार्च तक बकाया बिल नहीं भरे गए तो उनके कनैक्शन काट दिये जायेंगे।
स्ट्रीट लाइट के लिए करें मीटर की व्यवस्था
उपायुक्त केएम पांडुरंग ने नगर पालिकाओं के सचिवों को निर्देश दिया कि वे स्ट्रीट लाइट के लिए बिजली के मीटर अवश्य लगवायें। बिना मीटर के व्यर्थ में ट्यूबलाइट आदि नहीं जलने दी जाएगी। इस दौरान उन्होंने नगर निगम तथा हुडा के अधिकारियों को भी विशेष निर्देश दिये कि उनके क्षेत्र में बिजली की किसी भी प्रकार की कोई बर्बादी न हो। स्ट्रीट लाइट के मामले में विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।