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298 स्कूलों को नोटिस, मान्यता पर खतरा

Fri, 14 Apr 2017 12:13 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो सोनीपत।
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जिले के 298 प्राइवेट स्कूल गरीब बच्चों को पढ़ाने से भाग रहे हैं। यही कारण है कि इनमें से अधिकतर स्कूलों ने नियम 134-ए के तहत सीटों की जानकारी नहीं दी है। अगर किसी ने दी है तो उसमें भी फर्जीवाड़ा करते हुए सीटों को कम बताया गया है। यह फर्जीवाड़ा भी इस तरह का किया गया है कि जिसको देखकर हर कोई चौक जाए। कक्षा सात तक के स्कूल में सात ही बच्चे तो किसी ने 10वीं कक्षा तक के स्कूल में 21 ही बच्चों का दाखिला दिखाया है। प्राइवेट स्कूलों के इस फर्जीवाड़े का अमर उजाला ने खुलासा किया था और अब इन 298 स्कूलों को विभाग की ओर से नोटिस जारी कर दिया गया है। स्कूलों को साफ कहा गया है कि इस तरह का जानकारी नहीं देने व फर्जीवाड़ा करने पर क्यों न मान्यता और एनओसी रद्द कर दी जाए? अब निजी स्कूलों को एक सप्ताह में जवाब देना है।
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20 मार्च तक देना था जवाब
आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चे भी प्राइवेट स्कूलों में पढ़ सकें, इसके लिए सरकार की ओर से नियम 134-ए बनाया गया। इसके तहत प्राइवेट स्कूलों में अपने यहां पढ़ रहे बच्चों की संख्या के 10 प्रतिशत गरीब परिवारों के बच्चों को मुफ्त शिक्षा देनी होती है। किस स्कूल में कितने बच्चे पढ़ रहे हैं और उसके आधार पर वहां कितने गरीब परिवारों के बच्चों का दाखिला हो सकता है, इसके लिए ही सरकार की ओर से स्कूलों से ऑनलाइन यह जानकारी मांगी थी। प्राइवेट स्कूलों को यह जानकारी 20 मार्च तक देनी थी।
जिले में करीब 400 स्कूल
जिले में लगभग 400 स्कूल हैं, जिनमें सीबीएसई व हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड से मान्यता प्राप्त स्कूल शामिल हैं। इनमें 298 स्कूल ऐसे हैं, जिनमें से कुछ ने सीटों की जानकारी नहीं दी तो कुछ ने फर्जी जानकारी देते हुए कम बच्चों के दाखिले दिखा दिए। इस तरह मनमानी करने वाले स्कूलों पर विद्यालय शिक्षा निदेशालय ने सख्ती शुरू कर दी है और उन 298 स्कूलों को नोटिस भेजा गया है।
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इन समेत 298 स्कूलों की मान्यता को खतरा
जिन स्कूलों को नोटिस दिया गया है उनमें होली क्रॉस, डीपीएस, डीसी जैन, दिल्ली विद्यापीठ, ज्ञान गंगा ग्लोबल, जानकीदास कपूर, शंभूदयाल, शिवा शिक्षा सदन, सोफिया कॉन्वेंट, साउथ प्वाइंट, स्प्रिंग बर्ड, एसडी जूडस, सनराइज, स्वामी दया मुनि, टीआर मॉडल, दा वैदिक ईरा, बाल विद्या मंदिर, एकता हाई स्कूल, गीता विद्या मंदिर, होली फैमिली कॉन्वेंट, ईश्वर इंटरनेशनल, जनता मिडिल, लेंडमार्क इंटरनेशनल, सरस्वती विद्या मंदिर, सत्यानंद
आर्य वैदिक, बाल भारती मॉडर्न, ब्रहमी जनता, चाइल्ड्स फ्यूचर, दीन दयाल, दिल्ली पब्लिक, धीर धूप, एकता शिक्षा सदन, ग्रेट मिशन स्पोर्ट्स, हंसराज, हिंद मॉडर्न मिडिल, हिंदू बाल, हनी मॉडर्न, नैंसी शिक्षा निकेतन, न्यू टैगोर, न्यू उत्तम, नूतन, ओम शांति, रेनू विद्या, रोज वेल्ली, सरदार पटेल, सनराइज इंटरनेशनल, ब्रह्म शक्ति, द्रोण विद्यापीठ, गेटवे इंटरनेशनल, गौतम शिक्षा सदन, हरियाणा वैदिक, हिंदू, हिंदू विद्यापीठ, होली चाइल्ड, इंडियन मॉडर्न, सरस्वती मॉडर्न, सरस्वती विद्या, सर छोटूराम, सविता मॉडर्न, सरस्वती विद्या मॉडर्न, ग्रोविंग पेटल्स, मोनटेसरी समेत 298 स्कूल शामिल हैं।
मनमानी करने वाले स्कूलों को अपने अधीन करे सरकार
प्राइवेट स्कूलों के खिलाफ सरकार को ढुलमुल रवैया है। संचालक स्कूल खोलने से पहले नियमों के अनुसार कार्य करने का शपथपत्र देते हैं। इसके बाद वही स्कूल सरकार के नियमों का उल्लंघन करते हैं। मनमानी करने वाले स्कूलों पर मामला दर्ज करवाना चाहिए और सरकार के अधीन करना चाहिए।
-विमल किशोर, संरक्षक छात्र अभिभावक मंच।

बच्चों की फीस देना सरकार का दायित्व
शिक्षा निदेशालय की ओर से प्राइवेट स्कूलों से नियम 134-ए के तहत मांगी गई सीटों की जानकारी देनी चाहिए। वहीं सरकार का दायित्व भी बनता है कि स्कूलों में नियम के तहत पढ़ने वाले बच्चों की फीस भरे। अब शिक्षा निदेशालय की ओर से स्कूलों को जो नोटिस दिया गया है उसका संचालकों को जवाब देना चाहिए।
-अजमेर मलिक, जिलाध्क्ष प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन

एक सप्ताह बाद की जाएगी कार्रवाई
नियम 134-ए के तहत सीटों की जानकारी न देने पर प्राइवेट स्कूलों पर कार्रवाई के लिए विद्यालय शिक्षा निदेशालय ने नोटिस जारी किया है। नोटिस के अनुसार निजी स्कूलों को एक सप्ताह में अपना जवाब देना होगा। जवाब नहीं दिया तो उनकी मान्यता व एनओसी रद्द करने की कार्रवाई की जाएगी।
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-जिले सिंह, जिला शिक्षा अधिकारी।
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