सोनीपत। मौसम लगातार बदल रहा है। वीरवार को छह दिन बाद घना कोहरा छंटने से लोगों ने कुछ राहत की सांस ली मगर आसमान में छाए बादल और ठंडी हवा ने सर्दी का असर बरकरार रखा। सुबह के समय आसमान पूरी तरह बादलों से घिरा रहा जबकि दोपहर में बीचबीच में सूर्य के दर्शन हुए।
मौसम विभाग के सरगथल केंद्र के अनुसार वीरवार को न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान करीब 14 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इससे एक दिन पहले न्यूनतम तापमान 6.5 डिग्री और अधिकतम 12.7 डिग्री सेल्सियस रहा था।
तापमान में मामूली बढ़ोतरी के बावजूद ठंड से राहत नहीं मिली। दिन के दौरान करीब तीन किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली ठंडी हवा ने सर्दी को और बढ़ा दिया। ठंड के इस दौरन सुबह और शाम के समय लोगों का आवागमन सामान्य दिनों की तुलना में कम रहा।
कई स्थानों पर लोग अलाव जलाकर ठंड से बचने का प्रयास करते नजर आए। कार्यालयों, बाजारों और सार्वजनिक स्थलों पर भी धूप की कमी और ठंडी हवा के कारण दिनभर सर्द वातावरण बना रहा। वीरवार को लगातार तीसरे दिन एयर क्वालिटी इंडेक्स 225 दर्ज किया गया जो खराब श्रेणी में आता है।
गेहूं की फसल के लिए फायदेमंद
कृषि उप निदेशक डॉ. पवन शर्मा ने बताया कि कोहरा कम होने से दृश्यता बेहतर हुई है लेकिन बादलों की मौजूदगी और कम तापमान से रबी की फसलों पर ठंड का असर बढ़ा है। गेहूं, सरसों और हरे चारे की फसलों के लिए यह मौसम कुछ हद तक लाभकारी हो सकता है लेकिन लगातार नमी और कम धूप से रोग व कीट लगने की आशंका बढ़ जाती है। किसानों को खेतों का नियमित निरीक्षण करने, पाले से बचाव के उपाय अपनाने और अनावश्यक सिंचाई से बचने की सलाह दी गई है।
बादल छंटने और धूप निकली तो दिन के तापमान में बढ़ोतरी हो सकती है हालांकि ठंडी हवा के कारण सुबह और रात के समय सर्दी का असर अभी बना रहेगा। कोहरा अभी दो-तीन दिन फिर परेशान कर सकता है। -डॉ. प्रेमदीप, वैज्ञानिक, केवीके सोनीपत।