सिपाही रविंद्र व एसपीओ कप्तान की ड्यूटी के दौरान हत्या की गई है और डीजीपी मनोज यादव ने साफ कहा कि अपनी ड्यूटी को बखूबी निभाते हुए दोनों ने शहादत दी है। ड्यूटी के दौरान मौत होने पर सिपाही व एसपीओ के परिवार को 60 लाख रुपये दिए जाएंगे तो परिवार एक सदस्य को नौकरी दी जाएगी।
जहां 30 लाख रुपये एचडीएफसी बैंक की तरफ से मिलेंगे, क्योंकि एचडीएफसी बैंक ने सभी पुलिस कर्मियों का बीमा किया हुआ है। इसके अलावा 30 लाख रुपये सरकार की ओर से दिए जाएंगे। इनके अलावा पुलिस अधिकारी व कर्मी अपने स्तर से खुद भी दोनों के परिवार की मदद करेंगे, जिससे ऐसे दुख की घड़ी में उनको कुछ सहारा मिल सके।
एसपी जश्नदीप सिंह रंधावा ने बताया कि सिपाही रविंद्र व एसपीओ कप्तान ने अपनी ड्यूटी को जिम्मेदारी के साथ निभाया है और ड्यूटी करते हुए ही उनकी शहादत हुई है। उनके अनुसार कुछ साल पहले पुलिस का एचडीएफसी बैंक के साथ करार हुआ था, जिसमें पुलिस के खाते खुलवाने के साथ ही उनको बैंक ने बीमा कवर दिया था। जिसमें ड्यूटी के दौरान किसी भी पुलिस कर्मी के साथ हादसा होता है और उसकी मौत हो जाती है तो उसके परिवार को 30 लाख रुपये बैंक की तरफ से दिए जाएंगे।
सिपाही व एसपीओ की मौत भी ड्यूटी के दौरान हुई है तो वह भी उस दायरे में आते हैं और उनके परिवार को बैंक से 30 लाख रुपये की आर्थिक मदद दी जाएगी। इस तरह ही सरकार की तरफ से ड्यूटी के दौरान जान गंवाने वालों के परिवार को 30 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है जो इनके भी परिवारों को मिलेगी। इनके परिवार के एक सदस्य को नौकरी का प्रावधान है तो उसके लिए फाइल शासन को भेजी जाएगी। इसके लिए परिवार का कोई सदस्य सभी नियम पूरे करता होगा तो उसे नौकरी दी जाएगी।
वहीं एसपी जश्नदीप रंधावा ने कहा कि जिला पुलिस के अधिकारी व कर्मी भी अपनी तरफ से दोनों के परिवार की मदद करेंगे। उनके अनुसार परिवार में दोनों की कमी किसी भी तरह से पूरी नहीं हो सकती है, लेकिन परिवार को मदद करके कुछ सहारा दिया जा सकता है। इसको देखते हुए ही पुलिस अधिकारी व कर्मी भी अपनी तरफ से मदद करेंगे, जिससे परिवार को कोई परेशानी नहीं हो सके।