सोनीपत। जिले में स्वास्थ्य विभाग की ओर से 2200 लोगों को एड्स संक्रमण पर नियंत्रण के लिए दवा उपलब्ध कराई जा रही है। आठ माह में 144 गर्भवती संक्रमित मिली हैं। एचआईवी संक्रमण अब मां बनने के लिए अभिशाप नहीं रहा। मां के एचआईवी संक्रमित होने के बाद भी उनके गर्भस्थ का बचाव मुमकिन कर दिया है। एचआईवी टेस्ट में पॉजीटिव रिपोर्ट आते ही पीड़ित गर्भवती का इलाज शुरू कर दिया गया। अब तक हुई 40 डिलिवरी के बाद सभी बच्चे पूरी तरह से स्वस्थ है। स्वास्थ्य विभाग की तरफ से लगातार की जा रही टेस्टिंग के दौरान चालू वित्त वर्ष में अब तक एड्स के 144 गर्भवती व 283 लोग संक्रमित मिले हैं, जिनको एंटी रेट्रो वायरल थेरेपी (एआरटी) केंद्र से मरीजों को दवा उपलब्ध कराई जा रही है। सोनीपत में एआरटी केंद्र शुरुआत वर्ष 2018 में हुई। विभाग की ओर से हर माह 100 से 150 लोगों की एचआईवी से संबंधित काउंसिलिंग की जाती है। एड्स को लेकर शहरी क्षेत्र के साथ ग्रामीण क्षेत्र में भी पुरुष व महिलाएं जागरूकता दिखाने लगी है। ऐसा होने से एचआईवी संक्रमित का स्वास्थ्य विभाग के पास डाटा पहुंच रहा है।
जिला अस्पताल में हर माह करीब 150 से 200 मरीज जांच के लिए पहुंच रहे हैं। इस मरीजों में से हर माह सात से आठ मरीजों में एचआईवी की पुष्टि हो रही है। जिले में एचआईवी संक्रमितों का ग्राफ बढ़ता जा रहा है। जिले में वर्ष 2002 में इंटीग्रेटेड काउंसिलिंग एवं टेस्टिंग केंद्र (आईसीटीसी) में एचआईवी काउंसिलिंग और टेस्टिंग की शुरुआत हुई। तब एक महीने में करीब 100 से 150 मरीजों की जांच होती थी, जिले में टेस्टिंग और काउंसिलिंग बढ़कर लगभग 7000 हो गई है। यौन संचारित संक्रमण (एसटीआई) क्लीनिक में प्रतिदिन 80 से 90 मरीजों को यौन संक्रमित रोगों से संबंधित काउंसिलिंग, टेस्टिंग व दवाइयां उपलब्ध करवाई जाती हैं।
एचआईवी पॉजिटिव होने के कुछ प्रमुख लक्षण
- लगातार वजन का घटना
- लगातार दस्त होना
- लगातार बुखार होना
- टीबी की बीमारी होना
- शरीर पर खाज, खुजली, त्वचा में संक्रमण होना
- मुंह में छाले, जीभ पर फफूंदी आना
- गले में गांठ बनना
- गुर्दों व हृदय का संक्रमण
- दिमाग का संक्रमण
- सांस की बीमारी एवं निमोनिया
जिले में 2200 एड्स संक्रमितों को दवा उपलब्ध कराई जा रही है। साथ ही गर्भवती व पुरुषों की लगातार एचआईवी जांच की जा रही है। चालू वित्त वर्ष में 144 गर्भवती व 238 पुरुष एचआईवी संक्रमित मिले है। लोगों को एड्स से बचाव के प्रति एहतियात बरतने के लिए कहा जा रहा है।
डॉ. तरुण यादव, उप सिविल सर्जन, स्वास्थ्य विभाग