सोनीपत। बारिश में चर्म रोगी बढ़ रहे हैं। जिला नागरिक अस्पताल में रोजाना 300 से ज्यादा मरीज पहुंच रहे हैं। इस मौसम में दाद, खुजली, फंगल इंफेक्शन व त्वचा पर एलर्जी के मरीजों की संख्या सबसे ज्यादा है। चर्म रोग विशेषज्ञ के पदोन्नत होने के बाद से सप्ताह में महज तीन दिन ओपीडी लग रही है। सोमवार, बुधवार व शुक्रवार को ओपीडी न लगने के कारण चर्म रोगियों को वापस लौटना पड़ रहा है।
बारिश के मौसम में थोड़ी सी असावधानी से चर्म रोग का खतरा बढ़ जाता है। बारिश में भीगने व मार्ग पर भरे पानी में आने जाने से त्वचा संबंधी बीमारियों में बढ़ोतरी होती है। इसकी वजह से घाव, फुंसी, लाल दाने, चकते, फफोले आदि हो जाते हैं। कभी-कभी इसके कारण बुखार भी हो जाता है। यह सब मौसम में नमी और फंगस के कारण होता है। यह संक्रमण रोग है जिससे एक व्यक्ति से दूसरे में फैलने का खतरा भी रहता है। इनका समय रहते इलाज कराना जरूरी है। इस मौसम में जिला नागरिक अस्पताल में रोजाना 300 से ज्यादा मरीज जिला नागरिक अस्पताल में इलाज कराने पहुंच रहे हैं। मरीजों को सप्ताह में तीन दिन ही इलाज मिल रहा है। सोमवार, बुधवार व शुक्रवार को ओपीडी बंद रहती है।
इस मौसम में यह रखें सावधानी
-भीगने के बाद तुरंत गीले कपड़े उतारकर साफ तौलिए से शरीर को रगड़ कर साफ करना चाहिए।
-पानी भरने वाले क्षेत्रों से होकर आने के बाद साफ पानी से हाथ पैर को धोना चाहिए।
-ज्यादा देर तक गीला नहीं रहें और सफाई पर ध्यान रखें।
-बाजार की तली हुई और तेल से निर्मित चीजों से बचें।
बारिश के मौसम चर्म रोगियों की संख्या ज्यादा होती है। लोगों को इस रोग से बचने के लिए सावधानी व सफाई रखना जरूरी होता है। तकलीफ अधिक होने पर मरीज घरेलू उपचार करने के बजाय चिकित्सक से जरूर दिखाएं।
डॉ. राजेश सिंघल, चर्म रोग विशेषज्ञ, जिला नागरिक अस्पताल