सोनीपत। डेंगू के मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। जिले में बुधवार को डेंगू के छह नए मरीज मिले हैं। अब मरीजों की संख्या बढ़कर 48 हो गई है। सरकारी अस्पतालों में मरीजों के लिए डेंगू का इलाज मुफ्त है। निजी अस्पताल में हजारों रुपये खर्च करने पड़ जाते हैं। डेंगू के गंभीर मरीजों को प्लेटलेट्स के लिए गांव खानपुर कलां स्थित बीपीएस राजकीय महिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल में रेफर करना पड़ता है। वहां मरीजों को मुफ्त में प्लेटलेट्स दी जाती है।
मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती डेंगू के मरीजों को प्लेटलेट्स कम होने पर मुफ्त में प्लेटलेट्स दी जाती है। इसके विपरीत निजी ब्लड बैंकों के लिए सिंगल डोनर प्लेटलेट्स की कीमत 11000 रुपये प्रति यूनिट तय कर रखी है। वहीं, रेंडम डोनर प्लेटलेट्स की कीमत 400 रुपये प्रति यूनिट तय है। बुधवार को जिले में डेंगू के छह और मरीज मिले हैं। इनमें वेस्ट रामनगर में सात साल का बच्चा, मामचंद कॉलोनी व कुंडली में 10-10 साल की दो बच्ची, फाजिलपुर में दो महिलाएं, प्रगति नगर में 48 साल का व्यक्ति डेंगू पॉजिटिव मिला है। अब जिले में डेंगू के मरीजों का आंकड़ा बढ़कर 48 हो गया है।
बदलते मौसम में अस्पतालों में काफी संख्या में बुखार और जुकाम के मरीज आ रहे हैं। उनको दवाई देकर घर में रहने के लिए कहा जाता है। अगर मरीज की हालत ज्यादा खराब है तो उन्हें भर्ती कर लिया जाता है। वहीं डोर-टू-डोर मॉनिटरिंग के दौरान बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कर्मी (एमपीएचडब्ल्यू) मरीजों की मलेरिया जांच के लिए रक्त के नमूने लेकर लैब में भेज रहे हैं और डेंगू की जांच कराने के लिए मरीजों को जिला अस्पताल जाने के लिए कह रहे हैं।
निजी अस्पतालों में डेंगू के मरीजों का इलाज बहुत महंगा है। 50 हजार से लेकर एक से डेढ़ लाख रुपये तक खर्च होते हैं। सरकारी अस्पतालों में मरीजों का इलाज मुफ्त है। एक सप्ताह तक भर्ती रखने के बाद उन्हें छुट्टी दे दी जाती है।
- डॉ. आशा सहरावत, जिला मलेरिया अधिकारी, स्वास्थ्य विभाग
डेंगू के मरीजों के लिए प्लेटलेट्स की कोई कमी नहीं है। अस्पताल परिसर में डेंगू वार्ड बना रखा है, लेकिन उसमें कोई मरीज भर्ती नहीं है।
- डॉ. धीरज, चिकित्सा अधीक्षक, बीपीएस राजकीय मेडिकल कॉलेज, खानपुर कलां