सोनीपत। सेक्टर-23 के मैदान में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के नेतृत्व में हुई कांग्रेस की रैली में भी सैलजा गुट के विधायकों व किरण चौधरी समेत छह विधायक नहीं पहुंचे। रैली में पूर्व मुख्यमंत्री समेत 25 विधायक, प्रदेश प्रभारी, प्रदेशाध्यक्ष, पूर्व विधायकों व सांसद के साथ ही एससी सेल के प्रदेशाध्यक्ष सुशील इंदौरा ने शिरकत की। छह विधायकों के रैली से दूर रहने पर चर्चा का बाजार गर्म रहा। वहीं इस बार रैली में कांग्रेस गुलाबी की बजाय नीले रंग में रंगी नजर आई। संविधान बचाओ रैली में कांग्रेसियों के गले में नीले पटके दिखाई दिए। इससे पहले कार्यकर्ता गुलाबी पगड़ी व टी-शर्ट में नजर आते थे।
कांग्रेस की रैली में भीड़ जुटाने पर प्रदेश प्रभारी व प्रदेशाध्यक्ष ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा की तारीफ की। सैलजा गुट के दूरी बनाने और किरण चौधरी समेत छह विधायकों के नहीं आने पर कुछ लोग यह भी कहते नजर आए कि चुनाव में भी कांग्रेस के भीतर मनमुटाव बना रहेगा या इस पर विराम लग सकेगा। हालांकि रैली की भीड़ देखकर प्रदेश प्रभारी राज्यसभा सांसद शक्ति सिंह गोहिल व प्रदेशाध्यक्ष उदयभान ने पूर्व मुख्यमंत्री की खूब तारीफ की। रैली में सोनीपत के चारों विधायक सुरेंद्र पंवार, जगबीर मलिक, जयवीर सिंह, इंदुराज नरवाल के साथ विधायक सुभाष गांगोली, बीबी बत्रा, राव दान सिंह, मोहम्मद इलियास, मामन खान, बलबीर वाल्मीकि, शीशपाल केहरवाला, वरुण मुलाना, शकुंतला खटक, गीता भुक्कल, राजेंद्र जून, आफताब अहमद, नीरज शर्मा, कुलदीप वत्स, धर्मपाल छोक्कर, अमित सिहाग समेत 25 विधायक मौजूद थे। इसके साथ ही पूर्व सांसद धर्मपाल मलिक, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप शर्मा, पूर्व विधायक जयतीर्थ दहिया, मेयर निखिल मदान, एससी सैल के प्रदेशाध्यक्ष सुशील इंदौरा, सुखबीर फरमाण, आनंद दांगी, बिजेंद्र उर्फ बिल्लू, राव नरेंद्र, प्रोफेसर संपत सिंह, प्रोफेसर वीरेंद्र सिंह, रामभगत, लहरी सिंह, सुरेंद्र छिक्कारा, ललित पंवार, मनोज रिढाऊ, बिजेंद्र आंतिल, जसपाल खेवड़ा, संजय आंतिल मौजूद रहे।
गुलाबी की बजाय नीले रंग में रंगी नजर आई कांग्रेस
कांग्रेस की संविधान बचाओ रैली में इस बार सबसे अधिक चर्चा नीले रंग की रही। यह रंग ज्यादातर मायावती के नेतृत्व वाली बसपा के पटकों व ध्वजों में दिखाई देता है। वह शुक्रवार को रैली के दौरान कांग्रेसी नेता व कार्यकर्ताओं में छाया रहा। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा की जैकेट, दीपेंद्र हुड्डा से लेकर बहुत से कार्यकर्ताओं के गले में नीले पटके नजर आए। वहीं, रैली के दौरान पूरा फोकस भी बाबा साहब भीमराव आंबेडकर, अनुसूचित जाति व जनजाति पर ही रहा।
शक्ति सिंह गोहिल ने भाजपा को बताया अनुसूचित जाति विरोधी
कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी एवं गुजरात से राज्यसभा सांसद शक्ति सिंह गोहिल ने भाजपा को अनुसूचित जाति विरोधी करार दिया। उन्होंने बताया कि भाजपा के एक सांसद ने मरीज के इलाज में लगे अनुसूचित जाति के डॉक्टर को केवल इसलिए थप्पड़ मारा और गाली-गलौज किया कि डॉक्टर ने उनका फोन नहीं उठाया था। इस मामले में कोर्ट ने सांसद को सजा भी सुनाई, लेकिन भाजपा ने आज तक अपने इस सांसद को संसद ने निष्कासित नहीं किया है। इससे भाजपा का अनुसूचित जाति विरोधी चेहरा सामने आया है।