घायल सुंदर मुनि व संयति मुनि को स्थानक से अस्पताल के लिए ले जाते श्रद्धालु।
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गोहाना (सोनीपत)। गांव वजीरपुरा स्थित टीपीएस स्कूल में प्रवास कर रहे श्वेतांबर जैन संत सुंदर मुनि व संयति मुनि पर गौरक्षा आंदोलन के संचालक संत गोपालदास ने तीन अन्य संग मिलकर हमला कर दिया। आरोप है कि संत व तीन अन्य ने गच्छाधिपति प्रकाश चंद महाराज पर हमला किया था। जिन्हें बचाने के प्रयास में जैन संत शेर-ए-हिंद सुंदर मुनि और संयति मुनि घायल हो गए। दोनों का शहर के सामान्य अस्पताल में मेडिकल परीक्षण करवाया गया। श्रद्धालुओं ने जैन संतों पर हमला करने में संलिप्त गोरक्षक संत गोपाल दास व तीन अन्य को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। आर्य वज्र स्वाध्याय संघ के मीडिया प्रभारी राजेश जैन की शिकायत पर शहर थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर संत गोपालदास व उनके साथियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों को अदालत में पेश किया, जहां उन्हें जेल भेज दिया गया।
जैन संत गच्छाधिपति प्रकाश चंद का 1 जनवरी को 92वां जन्मदिन था। उनके जन्मदिन के अवसर पर वजीरपुरा गांव स्थित टीपीएस पब्लिक स्कूल में समारोह आयोजित किया गया था। बताया गया है कि समारोह में संत गोपाल दास दो झाडू लेकर आए थे। बताया गया है कि गोपाल दास ने कहा था कि वह एक झाडू से संथारा साधक राम प्रसाद की समाधि के सामने सफाई करेंगे और दूसरे झाडू से गच्छाधिपति के दिवंगत होने पर उनकी बनने वाली समाधि को साफ किया करेंगे। संत गोपाल दास की इस टिप्पणी से नाराज जैन संतों ने उन्हें समारोह से चले जाने के लिए कह दिया था। जिस पर वह वहां से चले गए थे। आरोप है कि उसके बाद वीरवार रात को संत गोपाल दास अपने साथी वाराणसी निवासी प्रवीण कांशी व संदीप, ऋषिकेश के सौरभ के साथ स्कूल में पहुंच गए। आरोप है कि संत गोपाल दास और उनके साथी डंडे लिए हुए थे। वह स्कूल परिसर में उस कमरे के बाहर पहुंचे जहां जैन संत ठहरे हुए थे। उन्होंने डंडे से वार करते हुए उस कक्ष के शीशे तोड़ दिए। इतना ही नहीं हमलावर गच्छाधिपति प्रकाश चंद की तरफ बढ़े तो सुंदर मुनि और संयति मुनि बीच में आ गए। हमलावरों ने सुंदर मुनि का गला दबाने की कोशिश की और उनकी कमर पर हमला किया। डंडे के वार से सुंदर मुनि का कान जख्मी हो गया। संयति मुनि के पेट और सिर पर चोटें लगी। संत गोपाल दास सहित तीन हमलावरों को श्रद्धालुओं ने दबोच लिया और एक आरोपी भाग निकला। हमलावरों व उनकी गाड़ी को शहर थाना पुलिस के हवाले कर दिया। जैन परंपरा में संत पुलिस से संपर्क नहीं कर सकते। ऐसे में आर्य वज्र स्वाध्याय संघ के मीडिया प्रभारी राजेश जैन ने पुलिस को शिकायत दी है। बाद में पुलिस ने चौथे हमलावर को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने शुक्रवार को आरोपियों को अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
जैन संतों ने दी थी संत गोपालदास को शरण
गौ रक्षा आंदोलन के संचालक संत गोपालदास ने दो साल पहले रोहतक में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के आगमन के दौरान एक मृत सांड़ को रोड पर डाल दिया था। उसके बाद उन्होंने लंबे समय तक अनशन किया था। अनशन के दौरान उन्होंने जैन स्थानक में प्रवास किया था। उस समय सुंदर मुनि ने उन्हें पुलिस की गिरफ्तारी से कई बार बचाया था। वह सुंदर मुनि को अपना गुरू भी मानते रहे हैं।
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संत गोपालदास व उनके तीन साथियों पर श्वेतांबर संत सुंदर मुनि व संयति मुनि पर हमले का आरोप है। उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। चारों को अदालत में पेश किया, जहां उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
निर्मल सिंह, थाना प्रभारी सिटी गोहाना।
टीपीएस स्कूल में प्रवास कर रहे श्वेतांबर जैन मुनियों पर हमले के आरोप में गिरफ्तार संत गोपालदास व - फोटो : Sonipat