फोटो 30- सोनीपत के श्री ठाकुरद्वारा पंचायती मंदिर से कलश यात्रा की शुरुआत करते श्रद्धालु। संवाद
सोनीपत। मुरथल रोड स्थित मौजीराम धर्मशाला में आठ दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान महायज्ञ की शुरुआत की गई। कथा का शुभारंभ श्री ठाकुरद्वारा पंचायती मंदिर से कलश शोभायात्रा निकालकर किया गया। कलश शोभायात्रा मंदिर परिसर से प्रारंभ होकर हलवाई हट्ठा, गंज बाजार, मुरथल अड्डा सहित शहर के मुख्य मार्गों से होते हुए कथा स्थल पर पहुंची। 151 कलशों की पूजा के बाद महिलाओं ने उन्हें उठाकर यात्रा में भाग लिया। कलश शोभायात्रा के बाद कथा स्थल पर कलशाें को स्थापित किया गया। प्रथम दिन बरसाना से कथावाचक आचार्य डाॅ. रोहिताश भारद्वाज ने पूजा-अर्चना के बाद श्रीमद्भागवत कथा के महत्व का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा ईश्वर का परिपूर्ण स्वरूप है, इसलिए यह दिव्य ग्रंथ है। भागवत ज्ञान, योग, कर्मयोग, समाज, धर्म व ज्ञान का मूल स्रोत है, इसलिए मनुष्य को हर पल ईश्वर का चिंतन करना चाहिए। जो आनंद ईश्वर की आराधना में हैं, वह आनंद संसार के किसी भौतिक सुख में नहीं है। श्रीमद्भागवत के श्रवण मात्र से मनुष्य के सभी कष्ट दूर हो जाते हैं।
फोटो 30- सोनीपत के श्री ठाकुरद्वारा पंचायती मंदिर से कलश यात्रा की शुरुआत करते श्रद्धालु। संवाद