फोटो 21- सोनीपत के गांव मलिकपुर में श्रीमद्भागवत कथा के दौरान प्रवचन करते कथावाचक उमेश कृष्ण शा
राई। गांव मलिकपुर में ग्रामीणों की ओर से स्वास्थ्य केंद्र के पास चल रही श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन भगवान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव मनाया गया। कथावाचक उमेश कृष्ण शास्त्री ने भगवान की बाल लीलाओं के प्रसंगों का वर्णन किया। इससे पहले कथा की शुरुआत कथावाचक शास्त्री ने श्रद्धालुओं के साथ भागवत पूजन के साथ की।
कथावाचक उमेश कृष्ण शास्त्री ने कहा कि हर मनुष्य को श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण करना चाहिए। जब अत्याचारी कंस के पापों का बोझ बढ़ गया, तब भगवान श्रीकृष्ण को अवतरित होना पड़ा। कृष्ण शास्त्री ने कहा कि जब-जब धरती पर धर्म की हानि होती है, तब-तब भगवान अवतरित होते हैं। कथा के दौरान जैसे ही भगवान श्रीकृष्ण का जन्म हुआ तो पूरा पंडाल जयकारों से गूंज उठा। कथावाचक ने श्रीकृष्ण जन्म उत्सव पर नंद के आनंद भयो जय कन्हैया लाल की भजन प्रस्तुत किया, इस पर श्रद्धालुओं ने खूब नृत्य किया। उमेश कृष्ण शास्त्री ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण के जन्म लेते ही जेल के सभी बंधन टूट गए और वह गोकुल धाम पहुंचे। कार्यक्रम में बलबीर सैनी, राजीव त्यागी, राकेश, सतप्रकाश, सतबीर, सुखबीर व नरेश सहित काफी श्रद्धालु मौजूद रहे।