किसान प्रतिनिधि सरदार लवलीन सिंह।
सोनीपत। किसानों के दिल्ली कूच की घोषणा से कुंडली व आसपास के क्षेत्र में घबराहट है। यहां उद्योगपतियों से लेकर आम कामकाजी लोग पूरी तरह से सहमे हुए हैं। उनके जहन में एक ही डर है कि कहीं, हालात पिछली बार जैसे तो नहीं हो जाएंगे। कुंडली औद्योगिक एसोसिएशन के प्रधान धीरज चौधरी व राई औद्योगिक मैन्युफैक्चरिंग एसोसिएशन के प्रधान राकेश देवगन ने बताया कि किसानों ने यदि इस बार कुंडली में डेरा डाला तो उनके उद्योग पूरी तरह से बर्बाद हो जाएंगे। 2020-21 के आंदोलन से हुए नुकसान की अब तक भरपाई नहीं हो सकी है। उनका कहना था कि बहुत से उद्योगपति दिल्ली से आकर यहां फैक्टरी चलाते हैं। कुंडली बॉर्डर फिर से बंद हुआ तो उनकी मुसीबत बढ़ जाएगी। वहीं ट्रांसपोर्टर अंकित शर्मा ने बताया कि पहले कोरोना और फिर किसान आंदोलन ने उनकी हालत बिगाड़ दी थी। उन्हें दो गाड़ी बेचनी पड़ी थी। अब फिर से आंदोलन हुआ तो उनकी मुसीबत बढ़ेगी। वहीं दुकानदार श्याम सिंह ने बताया कि बॉर्डर बंद होने पर उन्हें भारी नुकसान होगा। पहले भी वह नुकसान झेल चुके हैं।
पंजाब से कुंडली-सिंघु बॉर्डर पर आया प्रतिनिधि, स्थिति का लिया जायजा
पंजाब से आ रहे किसानों को रोकने के लिए कुंडली-सिंघु बॉर्डर पर कड़ी सुरक्षा बढ़ाई गई है। सोमवार को पंजाब के किसान प्रतिनिधि ने कुंडली बॉर्डर पहुंच कर स्थिति का जायजा लिया। साथ ही संयुक्त किसान मोर्चा ने किसानों को रोकने के लिए की गई बैरिकेडिंग की निंदा की है।
सोमवार को पंजाब के किसान बाबा लवलीन सिंह ने कुंडली-सिंघु बॉर्डर पर पहुंचे और स्थिति का आकलन किया। इस दौरान उन्होंने फ्लाईओवर के नीचे बिछाई जा रही छह लेयर सुरक्षा व फ्लाईओवर के ऊपर रखे अवरोधकों को भी देखा। किसान प्रतिनिधि ने इस दौरान साफ कहा कि किसान अरदास लगाकर निकल रहे हैं और दिल्ली जरूर जाएंगे। उन्होंने कहा कि किसान अपनी मांगों को लेकर
संघर्ष कर रहे हैं। किसानों को रोकने के लिए बैरिकेड लगाए जा रहे हैं, लेकिन उन्हें नहीं रोक सकता। बैरिकेड हटाने को लेकर वह क्रेन लेकर चल रहे है। गड्ढे भरने को लेकर मिट्टी भी साथ ला रहे हैं। किसान अन्नदाता है और उसकी मांगों की अनदेखी नहीं की जानी चाहिए।