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उपलब्धि: राष्ट्रीय रक्षा अकादमी में चयनित होने वाली शीतल सोनीपत की पहली लड़की, फूले नहीं समां रहे परिजन

Tue, 02 Aug 2022 02:34 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत (हरियाणा)

सार

लाडली की सफलता पर परिजन फूले नहीं समां रहे। पिता बोले कि बेटी को जल्द से जल्द सेना की वर्दी में देखने की इच्छा है। पिता की आंखें लाडली को आर्मी की वर्दी में देखने को लालायित है।
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हिंदू विद्यापीठ में प्रधानाचार्य सोनी रूद्रा व अपने पिता अशोक मेहलान के साथ नियुक्ति पत्र दिखाती शीत - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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हरियाणा के सोनीपत में लक्ष्य निर्धारित कर उसे पाने के लिए कठोर परिश्रम किया जाए तो बड़ी से बड़ी बाधा भी आपका मार्ग नहीं रोक सकती। इसी कथन को सत्य कर दिखाया है सोनीपत की लाडली शीतल मेहलान ने। देश सेवा के लिए आर्मी में जाने की इच्छा को पूरा करने के लिए शीतल ने कड़ी मेहनत की और राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए) में चयनित होने वाली सोनीपत की पहली लड़की होने का गौरव हासिल किया। लाडली की सफलता पर परिजन गर्व से फूले नहीं समा रहे। पिता की आंखें लाडली को आर्मी की वर्दी में देखने को लालायित है।

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सोनीपत के बाबा कॉलोनी निवासी शीतल ने बताया कि उसने 10वीं कक्षा स्प्रिंग बर्ड स्कूल से, 11वीं व 12वीं कक्षा हिंदू विद्यापीठ से की। शीतल ने बताया कि पहली बार राष्ट्रीय रक्षा अकादमी में लड़कियों को शामिल करने की छूट दी गई थी। इसका पता लगते ही आर्मी में जाने का लक्ष्य निर्धारित कर तैयारी शुरू कर दी थी। रोजाना अखबार पढ़कर और ऑनलाइन माध्यम से ही पेपर की तैयार की।

नवंबर 2021 को एनडीए का पेपर हुआ, जिसका परिणाम दिसंबर माह में जारी किया गया था। जिसमें उत्तीर्ण होने के बाद उत्साह और ज्यादा बढ़ गया। उसके बाद एसएसबी की तैयारी शुरू कर दी थी। 16 अप्रैल को प्रयागराज (इलाहाबाद) में एसएसबी (साक्षात्कार) हुआ। पांच दिन तक चली एसएसबी प्रक्रिया के बाद मेडिकल हुआ, जिसमें मेरा वजन 8 किलोग्राम अधिक आया।
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मुझे यह वजन कम करने के लिए 40 दिन का समय दिया गया। शीतल ने कहा कि इस पायदान पर आकर मैं कोई भी कमी नहीं छोड़ना चाहती थी, लेकिन वजन कम करने के लिए हर संभव कोशिश की। निर्धारित 40 दिन में मैंने अपना वजन कर कर रिपोर्ट की। 29 जुलाई को मुझे नियुक्ति पत्र मिला। जिसके बाद पूरे परिवार की खुशी का ठिकाना नहीं रहा।

चार साल की ट्रेनिंग के बाद मिलेगा कमीशन
शीतल ने बताया कि 6 अगस्त को रिपोर्ट करना है। उसके बाद तीन साल के लिए पूणे में और एक साल के लिए देहरादून में प्रशिक्षण चलेगा। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद ही कमीशन मिलेगा। शीतल के पिता अशोक मेहलान निजी व्यवसाय करते हैं, जबकि मां मुकेश कुमारी गृहणी हैं। पिता का कहना है कि उन्हें उस दिन का बेसब्री से इंतजार है, जब अपनी लाडली को आर्मी की वर्दी में देखूंगा।

प्राचार्य ने कर्तव्यनिष्ठ बनने के लिए किया प्रेरित
हिंदू विद्यापीठ की प्राचार्य सोनी रुद्रा ने बताया कि शीतल का राष्ट्रीय रक्षा अकादमी में 148वें कोर्स में चयन हुआ है। उन्होंने शीतल को उसकी सफलता पर बधाई दी और देश के प्रति कर्तव्यनिष्ठ बनने के लिए प्रोत्साहित किया।

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