फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Sonipat News: आत्महत्या के लिए विवश करने के दोषी पति को सात साल कैद

Thu, 08 Jun 2023 02:09 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
विज्ञापन
विज्ञापन
सोनीपत। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश शैलेंद्र सिंह आत्महत्या के लिए विवश करने के दोषी पति को सात साल कैद और 25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न देने पर छह माह अतिरिक्त कैद की सजा भुगतनी होगी।
विज्ञापन


रोहतक की कैलाश कॉलोनी निवासी राजेंद्र सिंह ने 6 अप्रैल, 2017 को राजकीय रेलवे पुलिस को बताया था कि उन्होंने अपनी बेटी मीनू की शादी 24 फरवरी, 2008 को जटवाड़ा निवासी विक्रम के साथ की थी। शादी के बाद से ही उसके ससुराल पक्ष के लोग दहेज के लिए उसे प्रताड़ित करने लगे थे। कई बार पंचायत भी हुई थी। शिकायतकर्ता ने बताया था कि वह 31 मार्च, 2017 को पुलिस विभाग से सेवानिवृत्त हुए थे। तब बेटी ने बताया था कि उसके ससुराल वाले उससे पांच लाख रुपये की मांग कर रहे हैं। उस समय बेटी मीनू अपने बेटे शौर्य (4) बेटी वंशिका (7) के साथ मायके आई थी। उन्होंने बेटी को समझाकर 2 अप्रैल, 2017 को वापस भेज दिया था। उनकी बेटी ने 4 अप्रैल, 2017 को अपने भाई मनोज के पास फोन करके पति विक्रम के बारे में बताया कि उसने शराब पी रखी है और ससुराल पक्ष के लोग रुपये की मांग कर रहे हैं। मनोज ने उसे अगले दिन आकर बात करने के लिए कहा था। बाद में उसकी सास ने 5 अप्रैल, 2017 को सुबह बताया कि मीनू दोनों बच्चों के साथ शाम को कहीं चली गई है। बाद में पता लगा कि उसकी बेटी ने दोनों बच्चों सहित ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली है। पुलिस ने पति सहित अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया था। पति को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। मामले में सुनवाई के बाद एएसजे शैलेंद्र सिंह ने महिला के पति विक्रम को दोषी करार देते हुए सात साल कैद की सजा सुनाई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें