नगर निगम ने अवैध निर्माणों व इमारतों को सील करने की कवायद शुरू कर दी है। नगर निगम आयुक्त की ओर से मुहर लगते ही अवैध इमारतों को लेकर सख्ती दिखाई है। शुक्रवार को नगर निगम की टीम ने कार्रवाई करते हुए शहर के मॉडल टाउन व नंदवानी नगर क्षेत्रों में सात अवैध इमारतों को सील किया है।
फरवरी माह में पहले निगम की ओर से ऐसी इमारतों को चिन्हित करने के लिए सर्वे किया था। इसके आधार पर ऐसी 49 इमारतों को चिन्हित किया गया था। कई बार निगम की ओर से नोटिस देकर निर्माण रुकवाने की कोशिश की गई, लेकिन बावजूद इसके शहर में अवैध इमारतों का निर्माण कार्य जोर-शोर से चल रहा था।
नेताओं के मकानों पर भी गिरेगी गाज
नगर निगम की कार्रवाई से घबराए इमारत मालिक सीलिंग से बचने के लिए अपनी पहुंच का इस्तेमाल करने से नहीं चूक रहे। वहीं निगम अधिकारियों के मुताबिक, सीलिंग प्रक्रिया में किसी प्रकार का भेदभाव नहीं बरता जाएगा। निगम की सूची में शहर के राजनीतिक पार्टियों के नेताओं से लेकर, सरकार में भागीदार नेताओं के रिश्तेदार तक शामिल हैं। निगम आयुक्त की ओर से इन इमारतों को सील करने की स्वीकृति मिल चुकी है।
नोटिसों की हो रही थी अवहेलना
नगर निगम से रिहायशी इमारत का नक्शा पास करवाकर व्यावसायिक इमारत बनाई जा रही है। जिस पर निगम की टीम ने कई बार मौके का मुआयना कर व नोटिस भेज इमारत के मालिक से जवाब तलबी की थी, लेकिन निगम को उसकी तरफ से संतोषजनक जवाब नहीं मिला। उसके बाद भी इमारत मालिक निगम के निर्देशों का उल्लंघन कर निर्माण कार्य में जुटे हुए थे। जिस पर निगम की टीम ने कार्रवाई कर इमारतों को सील किया है।
निगमायुक्त की ओर से अवैध निर्माणों को सील करने के आदेश मिल चुके हैं। अब किसी भी सूरत में अवैध बिल्डिंग के मालिकों को बख्शा नहीं जाएगा। उनकी इमारतों को शुक्रवार से सील करना आरंभ कर दिया गया है। अवैध निर्माणों को निगम के निर्देशों को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा था। -आनंद किशोर, बिल्डिंग इंस्पेक्टर, नगर निगम