सोनीपत के गांव रोहट के मशरूम फार्म हाउस का निरीक्षण करने पहुंची कृषि वैज्ञानिक डॉ. विजयालक्ष्म
सोनीपत। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की वैज्ञानिक डॉ. विजयालक्ष्मी ने बुधवार को फसल अवशेष प्रबंधन को लेकर उठाए गए कदमों की जांच के लिए कई गांवों का निरीक्षण किया। उनके साथ सहायक कृषि अभियंता डॉ. नवीन हुड्डा भी रहे।
टीम पहले गांव रोहट स्थित कृषि विभाग के कस्टम हायर केंद्र पर पहुंची और कृषि यंत्रों का रिकार्ड जांचा। कस्टम हायर केंद्र की वजह से क्षेत्र में खेती करने वाले किसानों को होने वाले फायदे का भी आकलन किया। डॉ. विजयालक्ष्मी ने गांव में किसानों की तरफ से तैयार किए गए मशरूम फार्म का भी निरीक्षण किया। जहां पराली की खपत करने के तरीके का आकलन किया। मशरूम फार्म में पराली के माध्यम से खाद व शेड तैयार करने के कदमों की सराहना की। रोहट गांव के बाद टीम गांव रोहणा पहुंची, यहां स्ट्रा बेलर के माध्यम से फसल अवशेष प्रबंधन कर रहे किसानों से बातचीत की तथा पूरी प्रक्रिया का निरीक्षण किया।
फसल अवशेष जलाने की मिल चुकी हैं 49 लोकेशन
फसल अवशेषों में आग की घटनाओं को रोकने के लिए कृषि विभाग ने मोबाइल टीमों का गठन किया है। सैटेलाइट से भी फसल अवशेषों में आग की घटनाओं पर नजर रखी जा रही है। जिले में 49 स्थानों पर आग की लोकेशन मिली है। इसमें सैटेलाइट के माध्यम से 40 और मोबाइल टीम के माध्यम से 9 लोकेशन मिली हैं। सैटेलाइट से प्राप्त लोकेशन में से आठ पर आग जलती मिली है। एक लोकेशन गैर कृषि भूमि की मिली। सोनीपत जिले में अब तक 17 किसानों के खिलाफ कृषि विभाग कार्रवाई कर चुका है।
-फसल अवशेष प्रबंधन को लेकर कृषि विभाग बेहतर तरीके से काम कर रहा है। बुधवार को केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की वैज्ञानिक डॉ. विजयालक्ष्मी ने गावं रोहट व रोहणा में पहुंचकर निरीक्षण किया। किसानों को फसल अवशेषों में आग न लगाने के प्रति भी जागरूक किया गया।
डॉ. पवन शर्मा, कृषि उपनिदेशक, सोनीपत